नई दिल्ली।
भारत ने रूस के साथ अपने कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करते हुए बुधवार को दो नए महावाणिज्य दूतावास—येकातेरिनबर्ग और कज़ान में—औपचारिक रूप से खोल दिए। विदेश मंत्री डा. एस. जयशंकर ने इन दूतावासों का उद्घाटन किया। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब विश्व स्तर पर व्यापारिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और भारत अमेरिका के साथ टैरिफ विवाद के बीच बहुपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।
उद्घाटन के बाद डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि इन नए दूतावासों के खुलने से व्यापार, पर्यटन, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी, शैक्षणिक और सांस्कृतिक संबंधों में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि रूस के साथ भारत के संबंध ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहे हैं और इन दूतावासों की स्थापना इन संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ती है।
रक्षा मंत्री और भारतीय प्रतिनिधि रहे उपस्थित
उद्घाटन कार्यक्रम में रूस के रक्षा मंत्री आंद्रे रुडेंको, भारत के राजदूत विनय कुमार, स्वेर्दलोव्स्क तथा तातारस्तान क्षेत्रों के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी शामिल हुए। जयशंकर ने कहा कि यह कदम दोनों देशों के बीच बहुआयामी सहयोग को नई दिशा देगा।
गांधी स्मारक पर पहुँचे जयशंकर
रूस में व्यस्त कार्यक्रम के दौरान डॉ. जयशंकर ने मास्को स्थित महात्मा गांधी स्मारक पर जा कर श्रद्धांजलि भी अर्पित की। उन्होंने कहा कि “गांधीजी के आदर्श और शिक्षाएं आज भी दुनिया के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं।”
भारतीय समुदाय से की मुलाकात
उद्घाटन के बाद जयशंकर ने मास्को में भारतीय समुदाय और भारत के मित्रों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि रूस में बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं और नए दूतावासों से प्रवासी भारतीयों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
जयशंकर ने इसे भारत–रूस संबंधों के लिए “महत्वपूर्ण दिन” बताते हुए कहा कि इन दूतावासों से दोनों देशों के उद्योगों के बीच तकनीकी, वैज्ञानिक, आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को मजबूती मिलेगी।
























