जोशीमठ: उत्तराखंड के चमोली जिले में कुदरत का कहर देखने को मिला है। भारी बारिश के बीच तमक नाला क्षेत्र में अचानक आए तेज सैलाब ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। पानी के प्रचंड बहाव की चपेट में आने से सीमा सड़क संगठन (BRO) का निर्मित वैली ब्रिज तिनके की तरह बह गया। पुल टूटने के कारण क्षेत्र में यातायात पूरी तरह ठप हो गया है और कई गांवों का संपर्क कट गया है।
एक व्यक्ति के बहने की आशंका, वीडियो आया सामने
प्राथमिक जानकारियों के अनुसार, तमक नाला वैली ब्रिज के बहने की इस घटना में एक व्यक्ति के तेज बहाव में बहने की सूचना है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि के लिए राहत और बचाव एजेंसियां जुटी हुई हैं। इस तबाही का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें उफनते नाले के तेज जल प्रवाह में वैली ब्रिज बहता हुआ दिखाई दे रहा है। जलस्तर इतना अधिक था कि पुल को संभलने का मौका ही नहीं मिला।
मुख्यमंत्री धामी ने लिया संज्ञान, राहत दल रवाना
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तुरंत संज्ञान लिया और आपदा प्रबंधन व स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित ग्रामीणों तक तत्काल सहायता पहुंचाने और पूरे हालात पर 24 घंटे निगरानी रखने को कहा है। सीएम के निर्देश के बाद एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को त्वरित राहत एवं बचाव कार्य के लिए मौके पर रवाना कर दिया गया है।
मलारी मार्ग पर यातायात अस्थायी रूप से प्रतिबंधित
प्रशासन ने खराब मौसम, भूस्खलन के खतरे और नदियों के उफान को देखते हुए मलारी की ओर जाने वाले मार्ग पर वाहनों की आवाजाही को अस्थायी रूप से रोक दिया है। सीमांत क्षेत्रों को जोड़ने वाला यह मार्ग सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। लगातार हो रही बारिश और नाले के तेज जल प्रवाह के कारण राहत कार्यों में भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, फिर भी राहत दल और स्थानीय प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हैं।







