बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा, पुलिस ने दबोचे चार आरोपी
बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गोल्डी बरार और रोहित गोदारा गिरोह से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना 11 सितंबर की रात की है, जब पहली बार रामनिवास को अकेले स्पलेंडर बाइक पर दिशा पाटनी के घर की रेकी करने भेजा गया था।

दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग (लाल घेरे में छर्रे के निशान)
पहली रेकी और गलत निशान
पुलिस के अनुसार, 11 सितंबर की रात लगभग तीन बजे रामनिवास को अकेले रेकी के लिए भेजा गया। वह घबराया हुआ था और सही मकान को चिह्नित नहीं कर सका। इस वजह से गैंग लीडर रविंद्र को नाराजगी हुई। बाद में रविंद्र ने आदेश दिया कि बागपत के दोनों नाबालिग लड़के फायरिंग करने जाएं। रामनिवास की गलत रेकी के कारण पाटनी के घर से काफी आगे हवाई फायरिंग हुई और वह वहां से भाग गया। अगले दिन रविंद्र ने उसे भगा दिया।

पुलिस के आगे हाथ जोड़ता घायल आरोपी
गिरफ्तारी और मुठभेड़
पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने शाही थाना क्षेत्र में दुनका-बिहारीपुर रोड के पास दो मुख्य बदमाशों को घेर लिया। राजस्थान निवासी रामनिवास के दाएं पैर में मुठभेड़ में गोली लगी। दूसरा आरोपी हरियाणा का अनिल है। दोनों नेपाल भागने की फिराक में थे, लेकिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
उधर, दिल्ली पुलिस ने 17 वर्षीय दो नाबालिग आरोपियों को भी पकड़ लिया। ये दोनों बागपत के निवासी हैं और सोशल मीडिया के जरिए गिरोह में शामिल किए गए थे। दोनों नाबालिग शूटर मुठभेड़ में मारे गए बागपत निवासी अरुण को जानते थे। अरुण ने इन्हें पाटनी के घर पर फायरिंग करने के लिए कहा था। इस फायरिंग की डील चार से पांच लाख रुपये में हुई थी।

मुठभेड़ स्थल पर पड़ी पिस्टल और कारतूस – फोटो
बरामदगी और इनामी आरोपियों की जानकारी
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि रामनिवास राजस्थान के जिला ब्यावर के जैतारण थाना क्षेत्र के गांव बेडकला का निवासी है। उसके पास से एक पिस्टल और कुछ कारतूस बरामद हुए हैं। मौके पर उसकी बाइक भी मिली। रामनिवास पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित है। आरोपी ने कबूल किया कि वह दिशा पाटनी के घर फायरिंग करने आए बदमाशों का साथी है।

दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग का मामला – फोटो
फायरिंग की घटनाओं का विवरण
दिल्ली में स्पेशल सेल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद सिंह कुशवाह ने बताया कि दोनों नाबालिगों ने दिशा पाटनी के घर पर पहले दिन 2-3 गोलियां चलाई थीं, लेकिन उस समय पाटनी के परिवार को इसकी जानकारी नहीं हुई। अगले दिन अरुण और रविंद्र ने 10-15 राउंड फायरिंग की। पुलिस ने दोनों घटनाओं को एक ही प्राथमिकी में दर्ज किया है।

जगदीश सिंह पाटनी का घर – फोटो
गैंग लीडर रविंद्र की मौत
गैंग लीडर रविंद्र अति आत्मविश्वास के चलते पुलिस की गोली का शिकार हो गया, जबकि रामनिवास की सुस्ती और सतर्कता ने उसकी जान बचाई।
पांचवें आरोपी की पहचान
पुलिस को झुमका चौराहे के आसपास की पोस्ट से जानकारी मिली कि बरेली में एक और व्यक्ति मौजूद था। सोनीपत से प्राप्त फुटेज और होटल आईडी से पुलिस ने उसकी पहचान की। वह राजस्थान का निवासी रामनिवास उर्फ दीपक ही निकला। दस सितंबर को जब पांच लोग शहर में घुसे, रामनिवास झुमका चौराहे पर बाइक से उतरा और कुछ समय पैदल घूमता रहा। रविंद्र ने उसे पांच सौ रुपये दिए और कहा कि वह कोई बाइक चोरी कर ले, ताकि सही मकान वाली बाइक हटाई जा सके।
नाबालिग आरोपियों पर वारंट
बागपत के दोनों नाबालिग आरोपियों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। बरेली पुलिस दिल्ली पुलिस से संपर्क करके इन नाबालिगों का बी वारंट लेने का प्रयास करेगी और कोर्ट में कस्टडी रिमांड पर पूछताछ करेगी।

























