शरीर में लगातार थकान और कमजोरी को न करें नजरअंदाज, हो सकती है जरूरी विटामिन और मिनरल्स की कमी

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आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, अनियमित खान-पान और पोषण की कमी के कारण बड़ी संख्या में लोग स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं। अक्सर लोग थकान, कमजोरी, चक्कर आना या बार-बार बीमार पड़ने जैसे लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि समय रहते शरीर में पोषक तत्वों की कमी की पहचान कर संतुलित आहार और सही उपचार लिया जाए, तो कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।

1. विटामिन D की कमी (Vitamin D Deficiency)

विटामिन D शरीर में कैल्शियम को अवशोषित करने में मदद करता है और हड्डियों एवं मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखता है।

  • मुख्य लक्षण: लगातार थकान रहना, मांसपेशियों में दर्द या कमजोरी, हड्डियों में दर्द और बार-बार बीमार पड़ना।
  • प्राकृतिक स्रोत: सुबह की गुनगुनी धूप, दूध एवं डेयरी उत्पाद, अंडे की जर्दी और मशरूम।

विशेषज्ञ की राय: बोस्टन यूनिवर्सिटी के डॉ. माइकल हॉलिक (Dr. Michael Holick) के अनुसार, “विटामिन D की कमी से न केवल हड्डियां प्रभावित होती हैं, बल्कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) भी कमजोर हो जाती है।”

2. आयरन की कमी (Iron Deficiency)

आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने के लिए आवश्यक है, जो पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है।

  • मुख्य लक्षण: अत्यधिक कमजोरी, जल्दी थक जाना, चक्कर आना, सांस फूलना और चेहरा पीला पड़ना।
  • प्राकृतिक स्रोत: हरी पत्तेदार सब्जियां (पालक), दालें, चना, राजमा, बीन्स और लाल मांस।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया भर में एनीमिया का सबसे बड़ा कारण आयरन की कमी ही है।

3. मैग्नीशियम की कमी (Magnesium Deficiency)

मैग्नीशियम शरीर की 300 से अधिक जैविक (biological) प्रक्रियाओं को संचालित करने में अहम भूमिका निभाता है।

  • मुख्य लक्षण: मांसपेशियों में ऐंठन, हाथ-पैर कांपना, कमजोरी और नींद न आने की समस्या।
  • प्राकृतिक स्रोत: बादाम, कद्दू के बीज, पालक, मूंगफली और साबुत अनाज।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) का मानना है कि लंबे समय तक मैग्नीशियम की कमी रहने से हृदय और तंत्रिका तंत्र (Nervous System) पर बुरा असर पड़ सकता है।

4. विटामिन B12 की कमी (Vitamin B12 Deficiency)

विटामिन B12 मस्तिष्क, नसों (nerves) और रक्त कोशिकाओं को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी पोषक तत्व है।

  • मुख्य लक्षण: याददाश्त कमजोर होना, ब्रेन फॉग (Brain Fog), हाथ-पैरों में झनझनाहट और बहुत ज्यादा थकान।
  • प्राकृतिक स्रोत: दूध, दही, अंडे, मछली और चिकन।

मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, यदि लंबे समय तक B12 की कमी रहे, तो इससे नसों को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है।

5. कैल्शियम, जिंक, पोटैशियम और विटामिन C

  • कैल्शियम: हड्डियों और दांतों के लिए अनिवार्य है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। इसके लिए दूध, पनीर, दही, ब्रोकली और तिल का सेवन करें।
  • जिंक: घाव भरने और इम्यूनिटी के लिए जरूरी है। कमी होने पर बाल झड़ते हैं और घाव देरी से भरते हैं। चने, मेवे और बीजों में यह भरपूर पाया जाता है।
  • पोटैशियम: हृदय और मांसपेशियों की सामान्य कार्यप्रणाली के लिए जरूरी है। केला, नारियल पानी, आलू और संतरा इसके अच्छे स्रोत हैं।
  • विटामिन C: त्वचा और प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए जरूरी है। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के अनुसार यह इम्यूनिटी मजबूत रखता है। संतरा, आंवला, नींबू और कीवी इसके बेहतरीन स्रोत हैं।

बिना डॉक्टरी जांच के सप्लीमेंट्स लेना कितना सही?

विशेषज्ञों का स्पष्ट रूप से मानना है कि केवल लक्षणों के आधार पर खुद से विटामिन या मिनरल्स के सप्लीमेंट्स (Self-Medication) नहीं लेने चाहिए। इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. आर. के. सिंह कहते हैं, “लगातार थकान या चक्कर आने के कई अलग कारण भी हो सकते हैं। इसीलिए खुद डॉक्टर न बनें। लक्षण दिखने पर पहले ब्लड टेस्ट (Blood Test) करवाएं और रिपोर्ट के आधार पर ही डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट्स लें।”

निष्कर्ष

स्वस्थ शरीर के लिए सिर्फ पेट भरना काफी नहीं है, बल्कि भोजन में सभी पोषक तत्वों का होना आवश्यक है। यदि आपका शरीर लगातार थकान या दर्द के संकेत दे रहा है, तो उसे नजरअंदाज न करें। सही खान-पान और समय पर डॉक्टरी सलाह आपको स्वस्थ रखने में मददगार साबित होगी।

Jantak khabar
Author: Jantak khabar

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