निजी संवाददाता — चैतड़ू (धर्मशाला)
हिमाचल प्रदेश में डिजिटल क्रांति की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश का सबसे बड़ा आईटी पार्क कांगड़ा जिला के चैतड़ू में बनकर पूरी तरह तैयार हो गया है, जिसे दिसंबर माह तक औपचारिक रूप से शुरू किया जा सकता है। इसके शुभारंभ की तैयारियां जोरों पर हैं और जल्द ही मुख्यमंत्री द्वारा इसका उद्घाटन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के कैबिनेट दर्जा प्राप्त प्रधान सलाहकार (नवाचार, डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं शासन) गोकुल बुटेल ने मंगलवार को विभागीय अधिकारियों के साथ चैतड़ू आईटी पार्क का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य के युवाओं के लिए रोजगार और नवाचार के नए द्वार खोलेगी।
💻 स्टार्टअप्स के लिए आवेदन आमंत्रित
गोकुल बुटेल ने बताया कि हिमाचल सरकार द्वारा आईटी निवेश और स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा देने के लिए दो प्रमुख इन्क्यूबेशन सेंटर बनाए जा रहे हैं — एक मैहली (शिमला) में और दूसरा चैतड़ू (कांगड़ा) में।
कांगड़ा स्थित सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) इन्क्यूबेशन सेंटर का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और इसका उद्घाटन जल्द मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सरकार ने अब युवाओं से स्टार्टअप शुरू करने के लिए आवेदन भी आमंत्रित किए हैं, ताकि वे इस आईटी हब का हिस्सा बन सकें।
🏗️ 18.29 करोड़ रुपए से हुआ निर्माण
यह आईटी पार्क कांगड़ा एयरपोर्ट के पास दो एकड़ भूमि पर बनाया गया है। परियोजना पर 18.29 करोड़ रुपए की लागत आई है और इसमें 35,602 वर्ग फुट का निर्मित क्षेत्र विकसित किया गया है।
यह न केवल प्रदेश के युवाओं के लिए आईटी और सॉफ्टवेयर विकास के अवसर पैदा करेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर डिजिटल सेवाओं और नवाचार को बढ़ावा देगा।
👩💻 सुविधाएं और रोजगार के अवसर
आईटी पार्क में 106 इन्क्यूबेशन सीटें, चार प्रबंधकीय कैबिन, उद्यमियों के लिए स्वतंत्र विकास स्थल, 40 सीट क्षमता वाला ऑडिटोरियम, कॉन्फ्रेंस रूम, मीटिंग हॉल, नेटवर्क ऑपरेशन सेंटर, रिकॉर्ड रूम और गेस्ट हाउस जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं।
यह केंद्र 15 से 20 नवोदित उद्यमियों को तकनीकी सहयोग देगा और 600 से 800 युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्रदान करेगा।
🗣️ गोकुल बुटेल बोले — डिजिटल हिमाचल की ओर बड़ा कदम
गोकुल बुटेल ने कहा कि यह आईटी पार्क राज्य के युवाओं के लिए नए अवसरों का केंद्र बनेगा।
“हिमाचल प्रदेश को आईटी और स्टार्टअप का हब बनाने की दिशा में यह मील का पत्थर साबित होगा। इससे प्रदेश के युवाओं को बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।”
इस अवसर पर सचिव सूचना प्रौद्योगिकी आशीष सिंहमार, डीसी कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल, देवेंद्र जग्गी तथा एसटीपीआई प्रबंधन टीम उपस्थित रही।

























