कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर जोरदार हमला बोला है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि देश की पूरी शिक्षा प्रणाली और इसके प्रशासनिक संस्थानों की आत्मा पर संघ ने कब्जा कर लिया है।
‘शिक्षा मंत्रालय को आरएसएस चला रहा है’
राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका होना केवल एक औपचारिक प्रतीक मात्र है। राहुल के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय का वास्तविक संचालन धर्मेंद्र प्रधान नहीं, बल्कि आरएसएस कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि नीतियों का निर्धारण मंत्रालय के स्तर पर नहीं बल्कि संघ के दिशा-निर्देशों के तहत किया जा रहा है।
छात्रों की स्वतंत्रता और विश्वविद्यालयों की स्थिति पर उठाए सवाल
देश के छात्रों के मुद्दों को रेखांकित करते हुए राहुल गांधी ने पूछा कि आखिर छात्र किस बात से नाराज हैं। उन्होंने कहा कि आज के माहौल में छात्रों को खुलकर बोलने, सवाल पूछने और अपनी पसंद के विषयों का अनुसरण करने की आजादी नहीं दी जा रही है। इसके बजाय, छात्रों पर इतिहास का एक खास नजरिया थोपने की कोशिश की जा रही है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश के लगभग हर प्रमुख विश्वविद्यालय में आरएसएस समर्थित उपकुलपतियों (Vice-Chancellors) की तैनाती की जा रही है।
‘छात्र अंधभक्त नहीं बनेंगे’
अपने वक्तव्य में राहुल गांधी ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि भारत के युवा और छात्र इस व्यवस्था को कभी स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि संघ युवाओं का भविष्य तय नहीं कर सकता। भारत की आत्मा यह स्पष्ट करती है कि देश के छात्र कभी ‘अंधभक्त’ नहीं बनेंगे और वे अपने अधिकारों व स्वतंत्र सोच की रक्षा के लिए हमेशा खड़े रहेंगे।







