डेराबस्सी (जन तक खबर): पंजाब के डेराबस्सी स्थित सुखमनी स्कूल के कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को 152वें दिन भी जारी रहा। लंबे समय से चल रहे इस प्रदर्शन के बावजूद समाधान न निकलने से कर्मचारियों में भारी रोष है। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से नौकरी से निकाल दिया गया है। अपनी नौकरी वापस पाने के लिए वे पिछले कई महीनों से लगातार कड़ा संघर्ष कर रहे हैं।
आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं कर्मचारी
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने बताया कि वे स्कूल में करीब 9,000 रुपये प्रति माह की मामूली तनख्वाह पर काम कर रहे थे। इतने कम वेतन के बावजूद वे केवल अपने परिवार का पालन-पोषण करने और ईमानदारी से आजीविका कमाने के उद्देश्य से कार्य कर रहे थे। बिना किसी नोटिस के नौकरी से हटाए जाने के कारण अब उनके और उनके परिवारों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि वे केवल अपनी रोज़ी-रोटी सुरक्षा चाहते हैं और नौकरी बहाली तक उनका धरना जारी रहेगा।
स्थानीय लोगों से समर्थन की अपील और सरकार से मांग
धरना स्थल से कर्मचारियों ने स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे इस संघर्ष में उनका समर्थन करें और उनकी आवाज़ को प्रशासन व राज्य सरकार तक पहुँचाने में सहयोग दें। कई महीनों के बीत जाने के बाद भी प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम न उठाए जाने से कर्मचारियों की चिंता बढ़ती जा रही है।
यह मामला पंजाब में रोजगार सुरक्षा और श्रमिक अधिकारों को लेकर भी चर्चा का विषय बन गया है। प्रभावित कर्मचारियों ने पंजाब सरकार और संबंधित उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और उनकी नौकरी तुरंत बहाल कर उन्हें न्याय दिलाया जाए।





