नीलामी के लिए तैयार, जल्द ही बिकेंगे पंजाब सरकार की पांच संपत्तियां

SHARE:

राजस्व बढ़ाने के लिए हथौड़े के नीचे जाएंगी पंजाब सरकार की पांच संपत्तियां

पंजाब सरकार ने राजस्व जुटाने के लिए राज्य की पांच प्रमुख सरकारी संपत्तियों को नीलामी के लिए चिन्हित किया है। इन संपत्तियों में पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस, प्रिंटिंग प्रेस, वेटरनरी अस्पताल और शुगर मिल शामिल हैं। इन संपत्तियों की कुल जमीन लगभग 111 एकड़ है और सरकार को इससे भारी राजस्व मिलने की उम्मीद है।

मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा की अध्यक्षता में बुधवार को हुई ओयूवीजीएल (OUVGL – Optimum Use of Vacant Government Land) की 59वीं उच्चस्तरीय समिति की बैठक में कुल 10 संपत्तियों पर चर्चा हुई, जिनमें से पांच को “वाणिज्यिक उपयोग” के लिए विकसित करने पर सहमति बनी।

नीलामी के लिए तय संपत्तियां:

  • पटियाला में प्रिंटिंग प्रेस कॉलोनी (8 एकड़)

  • पटियाला में प्रिंटिंग प्रेस साइट (10 एकड़)

  • लुधियाना के बरेवाल अवाना में वेटरनरी अस्पताल की जमीन (2.27 एकड़)

  • तरन तारन के शेरोन में शुगर मिल (89 एकड़)

  • गुरदासपुर में पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस (1.75 एकड़)

बैठक में जिन अन्य पांच संपत्तियों पर सहमति नहीं बन पाई, उनमें पटियाला की भूपिंद्रा रोड पर पीडब्ल्यूडी भूमि और रेस्ट हाउस, गुरदासपुर का पुराना सिविल अस्पताल, लुधियाना सिविल अस्पताल की 1.25 एकड़ जमीन और सिविल सर्जन कार्यालय की 3 एकड़ जमीन शामिल है। विशेष रूप से पटियाला का पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस एक हेरिटेज बिल्डिंग होने के कारण रोक दिया गया है।

यह रेस्ट हाउस 1940 में बना था और इसे 2015 में पीयूडीए को हस्तांतरित किया गया था। 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार ने यहां हेरिटेज होटल बनाने का फैसला लिया था, लेकिन अप्रैल 2022 में आम आदमी पार्टी की सरकार आने के बाद यह निविदा प्रक्रिया रद्द कर दी गई। फिलहाल इमारत जर्जर हालत में है।

लुधियाना के वेटरनरी अस्पताल को अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा और खाली हुई जमीन का वाणिज्यिक उपयोग किया जाएगा। गुरदासपुर का पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस भी नई जगह स्थानांतरित किया जाएगा।

सरकार अब इन सभी संपत्तियों को पीयूडीए को हस्तांतरित करेगी।

विरोध की चेतावनी:
इसी बीच, पीएसपीसीएल और पीएसटीसीएल यूनियनों के नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि विभागीय संपत्तियों को बेचा गया या लीज पर दिया गया तो वे विरोध प्रदर्शन और बिना नोटिस हड़ताल करेंगे।

पीएसईबी इंजीनियर्स एसोसिएशन और अन्य यूनियनों ने 15 सितंबर को लुधियाना में बैठक कर सरकार को अल्टीमेटम जारी किया। उनका कहना है कि लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, मोहाली जैसी जगहों पर स्थित विभाग की प्रमुख संपत्तियों को बेचने से विभाग के अस्तित्व को खतरा हो सकता है।

गौरतलब है कि सरकार पहले भी जमीन पूलिंग पॉलिसी के जरिए 25,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना लाई थी, जिसे किसानों और विपक्षी दलों के विरोध के कारण रद्द करना पड़ा था।

Vivek Singh
Author: Vivek Singh

5
पंजाब में आई भयंकर बाढ़ का ज़िम्मेदार आप किसे मानते हैं?

सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather

और पढ़ें

राज्य