तीन साल बाद भी नहीं दौड़ी धर्मशाला स्मार्ट सिटी की इलेक्ट्रिक बसें, जनता परेशान

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धर्मशाला स्मार्ट सिटी में तीन साल से नहीं दौड़ी इलेक्ट्रिक बसें

सिटी रिपोर्टर – धर्मशाला
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत वर्ष 2016 में चुना गया धर्मशाला नगर निगम क्षेत्र अब तक “स्मार्ट” नहीं बन पाया है। शहर के लोगों को उम्मीद थी कि स्मार्ट सिटी फंड से लोकल ट्रांसपोर्ट की दिक्कतें खत्म होंगी, लेकिन हकीकत में स्थिति उलटी हो गई है।

वर्ष 2022 में 18 करोड़ रुपए से खरीदी गईं 15 इलेक्ट्रिक बसें धर्मशाला शहर के रूटों पर चलनी थीं, लेकिन तीन साल बाद भी इनमें से एक भी बस लोकल रूट पर नहीं दौड़ सकी। स्मार्ट सिटी फंड से खरीदी गई ये बसें अब कांगड़ा और चंबा जैसे बाहरी रूटों पर चल रही हैं, जबकि धर्मशाला शहर के अंदर के लोग सार्वजनिक परिवहन की सुविधा से वंचित हैं।

📍 धर्मशाला के स्थानीय रूट अब भी अधूरे

शहर के मुख्य स्थान — श्यामनगर, रामनगर, आईटीआई रोड दाड़ी, सकोह, चेलियां, मकलोडगंज, भागसूनाग, नड्डी, डल झील, कुनाल पत्थरी आदि — आज भी बस सेवा से नहीं जुड़े हैं। धर्मशाला में रहने वाले लोग, खासकर छात्र, रोजाना आने-जाने में मुश्किलें झेल रहे हैं।

📢 जनता की शिकायतें और नेताओं के वादे

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले डेढ़ साल से नेताओं की ओर से तीन बसें चलने की घोषणा की जा रही है, पर अब तक कुछ नहीं हुआ।
हाल ही में एचआरटीसी उपाध्यक्ष अजय वर्मा, पूर्व महापौर देवेंद्र जग्गी, और एमसी कमिश्नर जफर इकबाल ने भी कहा है कि जल्द ही बस सेवा शुरू की जाएगी।

🚌 एचआरटीसी धर्मशाला आरएम का बयान

एचआरटीसी धर्मशाला के आरएम पंकज कपूर ने बताया —

“तीन बसों को धर्मशाला शहर में चलाने के लिए फाइनल अप्रूवल निदेशालय को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।”

🔑 निष्कर्ष

धर्मशाला की “स्मार्ट सिटी” योजना का यह उदाहरण दिखाता है कि केवल बजट और घोषणाओं से कोई शहर स्मार्ट नहीं बनता — इसके लिए स्थानीय जरूरतों को प्राथमिकता देना और प्रोजेक्ट्स का समयबद्ध क्रियान्वयन जरूरी है।

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Author: Vivek Singh

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