कुल्लू दशहरा 2025: 300 देवी-देवताओं की भव्य उपस्थिति, कई बिना बुलावे भी पहुंचे

SHARE:

कुल्लू दशहरा 2025: 300 देवी-देवताओं की भव्य हाज़िरी

रिपोर्ट: मोहर सिंह पुजारी, कुल्लू

विश्व प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव एक बार फिर आस्था और देव संस्कृति का केंद्र बना हुआ है। इस बार उत्सव में करीब 300 देवी-देवता अठारह करडू की सौह में विराजमान हुए हैं, जिनमें मुआफीदार, गैर-मुआफीदार और बिना निमंत्रण के आए देवता भी शामिल हैं।

जिला प्रशासन की ओर से कुल 332 देवी-देवताओं को आमंत्रण भेजा गया था। इनमें से अब तक 139 मुआफीदार और 130 गैर-मुआफीदार देवताओं की एंट्री दर्ज की गई है। वहीं, लगभग 30 देवता बिना औपचारिक निमंत्रण के भी इस देव महाकुंभ में पहुंचे हैं। एंट्री प्रक्रिया अभी जारी है।

कुल्लू दशहरा 2025: 300 देवी-देवताओं की भव्य हाज़िरी

इस वर्ष की खास बात यह रही कि देवता कुई कंडा नाग तांदी लगभग 365 साल बाद उत्सव में विराजमान हुए हैं। इस ऐतिहासिक उपस्थिति ने श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह भर दिया है।

🌸 देव संस्कृति आज भी जीवंत

कुल्लू का देवसमागम दुनिया भर में प्रसिद्ध है। साल 1661 ईस्वी से लेकर आज तक, देवभूमि कुल्लू के देवी-देवता दशहरा में शिरकत करते आ रहे हैं। सदियों बाद भी यह परंपरा अटूट बनी हुई है।

📊 कब-कितने देवी-देवता आए

हर साल देवी-देवताओं की संख्या बढ़ती रही है —

  • 2004: 101 देवता

  • 2010: 210 देवता

  • 2017: 249 देवता

  • 2019: 278 देवता

  • 2022: 304 देवता

  • 2023: 315 देवता

  • 2024-25: लगभग 300 देवता

🕉️ 1661 से शुरू हुई परंपरा

कुल्लू दशहरा की शुरुआत सन् 1661 में हुई थी, जब 365 देवी-देवता इस पवित्र महोत्सव में एकत्र हुए थे। तब से लेकर आज तक, कुल्लू की धरती हर वर्ष देव आस्था और परंपरा की गवाही देती है।

Vivek Singh
Author: Vivek Singh

5
पंजाब में आई भयंकर बाढ़ का ज़िम्मेदार आप किसे मानते हैं?

सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather

और पढ़ें

राज्य