राजधानी शिमला में सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह नौ बजे से ही समर्थक ढोल-नगाड़ों के साथ नाचते-गाते रिज मैदान की ओर पहुंचने लगे।
कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रिमोट से वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया, तो पूरा रिज मैदान “राजा साहब अमर रहें” के नारों से गूंज उठा। इस भावुक क्षण के दौरान कई समर्थकों की आंखें नम हो गईं।
रिज और मॉल रोड की ओर जाने वाली सड़कों को वीरभद्र सिंह के बैनरों और झंडों से सजाया गया था। कार्यक्रम में प्रवेश के दौरान लोगों और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई। वीआईपी ब्लॉक तक पहुंचने के लिए आशियाना रेस्टोरेंट के पास से विशेष मार्ग बनाया गया था।
जो लोग रिज तक नहीं पहुंच सके, उन्होंने स्कैंडल पॉइंट पर लगी एलईडी स्क्रीन पर समारोह का सीधा प्रसारण देखा। मंच के पास सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी के बड़े कटआउट लगाए गए थे, जबकि वीरभद्र सिंह के झंडे पूरे रिज मैदान में लहरा रहे थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मंच पर पहुंचे तो विक्र्रमादित्य सिंह ने उनका स्वागत किया और गले लगाया। सोनिया गांधी पारंपरिक किन्नौरी टोपी पहनकर मंच पर पहुंचीं और तिब्बती समुदाय की महिलाओं से सम्मान भी प्राप्त किया।
विक्र्रमादित्य सिंह की पत्नी डॉ. अमरीन कौर भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं और पहली पंक्ति में बैठकर कार्यक्रम देखा।
रिज मैदान और मॉल रोड पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ पर्यटक भी हिमाचली नाटी पर थिरकते नजर आए।
भावनात्मक पल:
रामपुर से आए कुछ समर्थकों ने कहा, “राजा साहब ने हमें सब कुछ दिया, जब तक वो थे किसी के आगे हाथ नहीं फैलाने पड़े। आज भी लगता है जैसे वो हमारे साथ हैं।”
मेयर सुरेंद्र चौहान जब निगम पार्षदों के साथ रिज की ओर बढ़े, तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। मेयर ने कहा, “मैं सुरेंद्र चौहान हूं, मेरा आईडी कार्ड नहीं है।” पार्षदों ने पुलिस से समझाकर उन्हें आगे जाने दिया।
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद समर्थकों ने विक्र्रमादित्य सिंह को कंधे पर उठाकर मंच से गाड़ी तक पहुंचाया।
बाद में लोग वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के समक्ष श्रद्धांजलि देने के लिए रुके और पदमदेव कॉम्प्लेक्स एक्सटेंशन की ओर भोजन के लिए बढ़े।

























