हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने खरीफ फसलों की मंडियों में पूरी तैयारी का निर्देश दिया। किसानों की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी जाएगी। जलभराव से बचाव के लिए मंडियों में सुविधाएं बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है।

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चंडीगढ़,  हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने करीब उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की, जिसमें आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खरीफ फसल के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और मंडियों तथा खरीद केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हर मंडी में एक निरीक्षक 24 घंटे ड्यूटी पर रहेगा और किसी भी लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के राज्य मंत्री श्री राजेश नागर, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लड़, अतिरिक्त प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, खाद्य विभाग के प्रधान सचिव श्री डी. सुरेश, फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की क्षेत्रीय प्रबंधक श्रीमती शरंदीप कौर बरार, तथा विभिन्न संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने किसानों की फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि MSP पहले ही सरकार द्वारा तय कर दिया गया है और अधिकारियों को कड़ाई से इसे लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने किसानों को एसएमएस के जरिए उनकी फसल के लिए निर्धारित मंडी की जानकारी देने और मोबाइल पर गेट पास भेजने का भी आदेश दिया ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

मुख्यमंत्री ने सोयाबीन, काला तिल, उड़द और अरहर की खेती को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि सोयाबीन से बने पोषणयुक्त उत्पाद स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं। उन्होंने इन फसलों पर बोनस देने की भी घोषणा की।

मोइस्चर टेस्टिंग के लिए अत्याधुनिक मशीनें खरीदने और प्रत्येक मंडी में लैब स्थापित करने का निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिया ताकि किसानों को किसी प्रकार की समस्या न हो।

उन्होंने कहा कि मंडियों में पीने के पानी, नालियों, साफ सफाई और फसल सुरक्षा के लिए सभी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीनें भी लगाई जाएं ताकि फसलों का सही वजन हो सके। बारिश से फसलों को नुकसान से बचाने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले भंडारण और टेपुलिन की व्यवस्था की जाए।

सरकार ने खरीफ मार्केटिंग वर्ष 2025-26 के लिए विभिन्न फसलों के MSP तय कर लिए हैं ताकि किसानों को बेहतर आय मिल सके। धान (सामान्य) का MSP 2,369 रुपये प्रति क्विंटल, धान (ग्रेड-ए) का MSP 2,389 रुपये, ज्वार (हाइब्रिड) का MSP 3,699 रुपये, बाजरा का MSP 2,775 रुपये, मक्का का MSP 2,400 रुपये, तूर/अरहर का MSP 8,000 रुपये, मूंग का MSP 8,768 रुपये, उड़द का MSP 7,800 रुपये, मूंगफली का MSP 7,263 रुपये, सोयाबीन (पीला) का MSP 5,328 रुपये, तिल का MSP 9,846 रुपये, और काले तिल का MSP 9,537 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

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Author: Jantak khabar

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