सीएम नायब सैनी ने केंद्र से क्यूं नहीं मांगा मुआवजा?, हमने 2023 में हरियाणा को बाढ़ ग्रस्त राज्य घोषित करके पहुंचाई थी तुरंत राहत – दुष्यंत चौटाला

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चंडीगढ़, 13 सितंबर। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि प्रदेश में बाढ़ एवं जलभराव से प्रभावित किसानों को तुरंत पंजाब के समान मुआवजा मिलना चाहिए। दुष्यंत चौटाला ने हैरानी जताते हुए कहा कि प्रदेश में भारी बरसात से हालात बेहद खराब होने के बावजूद भी अब तक मुख्यमंत्री नायब सैनी ने केंद्र सरकार से मुआवजे की मांग नहीं की है। उन्होंने कहा कि साल 2023 में पूर्व गठबंधन सरकार ने हरियाणा को बाढ़ ग्रस्त राज्य घोषित किया था और केंद्र सरकार से मुआवजा लेकर बाढ़ पीड़ितों को तुरंत राहत पहुंचाई थी। बुधवार को दुष्यंत चौटाला रोहतक और भिवानी जिले में दौरा करके जलभराव प्रभावित किसानों से मिले थे।

पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि बाढ़ प्रभावित किसानों को 15 हजार रुपए तक प्रति एकड़ मुआवजे देने की घोषणा सीएम नायब सैनी ने की हैजबकि पंजाब की खराब आर्थिक स्थिति के बावजूद वहां के सीएम ने 20 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा देने की घोषणा की है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा के बेहतर आर्थिक हालातों के देखते हुए हरियाणा को भी पंजाब की तर्ज पर किसानों को मुआवजा देना चाहिए। पूर्व उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आपदा प्रबंधन के लिए सरकार को तुरंत बाढ़ प्रभावित जिलों के लिए फंड जारी करना चाहिए ताकि आगामी फसलों की बिजाई के लिए पानी निकासी की व्यवस्था हो सके। साथ ही सरकार को पोर्टल प्रणाली से पहले 50 प्रतिशत मुआवजा किसानों के खातों में अभी डाल देना चाहिए।

पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि इस बार प्रदेश में भारी बारिश से हालात बेहद खराब हुए है और 15 लाख से ज्यादा एकड़ जमीन में नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन में सरकार की प्लानिंग फेल रही हैक्योंकि जलभराव क्षेत्रों में पंपिंग सेट की भी उपलब्धता नहीं है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि खेतों में पानी भरा हुआ है और सरकार ने किसानों को प्रताड़ित करने के लिए पंपों को ही बंद करवा रखा है ताकि ड्रैनों में पानी न भरे। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सरकार को बिजली व अन्य व्यवस्था करके तुरंत पानी निकासी का प्रबंध करना चाहिए।

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Author: Jantak khabar

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