प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात इंस्टाग्राम लाइव के माध्यम से देश के युवाओं और Gen-Z से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों और युवाओं की भूमिका पर खुलकर बात की। सोशल मीडिया पर उनके इस अचानक आए लाइव सेशन ने काफी ध्यान आकर्षित किया है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन और विवादित बयान पर प्रतिक्रिया
हाल के दिनों में जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ युवाओं द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किए जाने के मामले सामने आए थे। इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वह उन बच्चों को माफ करते हैं जिन्होंने उनके लिए गलत शब्दों या गालियों का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि युवा अक्सर बहकावे या आवेश में आकर ऐसी भाषा का उपयोग कर लेते हैं, लेकिन देश के नेतृत्व का कर्तव्य उन्हें सही राह दिखाना है।
लोकतंत्र में असंतोष और भाषा की गरिमा
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन और असंतोष व्यक्त करना हर नागरिक का अधिकार है। हालांकि, उन्होंने युवाओं से अपील की कि अपने विचार रखते समय भाषा की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने Gen-Z से देश के विकास में सकारात्मक योगदान देने और अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाने का आह्वान किया।
पीएम के बयान पर विभिन्न दृष्टिकोण
प्रधानमंत्री के इस बयान के सामने आने के बाद विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। एक वर्ग इसे एक जिम्मेदार और उदार अभिभावक का संदेश मान रहा है, जो विवादों को शांत कर युवाओं को जोड़ने का प्रयास करता है। वहीं, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इस घोषणा के बाद यह देखना भी महत्वपूर्ण होगा कि प्रदर्शन में शामिल युवाओं पर दर्ज FIR और कानूनी प्रक्रियाओं को लेकर प्रशासन आगे क्या रुख अपनाता है।







