पाकिस्तान ने गुरु नानक जयंती पर हिंदू तीर्थयात्रियों की एंट्री रोकी, भारत लौटा समूह

SHARE:

गुरु नानक जयंती: पाकिस्तान ने हिंदू श्रद्धालुओं की एंट्री रोकी

स्टाफ रिपोर्टर — अमृतसर
गुरु नानक देव जी की जयंती समारोह में शामिल होने जा रहे भारतीय सिख तीर्थयात्रियों का पहला जत्था मंगलवार को अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान पहुँचा। लेकिन इस यात्रा के दौरान एक बड़ी विवादित घटना सामने आई, जब 12 हिंदू श्रद्धालुओं को पाकिस्तान में प्रवेश से रोक दिया गया, जबकि उनके पास वैध वीज़ा और सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद थे।

पाकिस्तानी अधिकारियों ने उन्हें यह कहकर रोक दिया कि वे हिंदू हैं और केवल सिख यात्रियों को ही आगे जाने की अनुमति है। बाद में सभी को वापस भारत भेज दिया गया। इस कार्रवाई ने वहाँ मौजूद सिख जत्थे और भारतीय अधिकारियों को स्तब्ध कर दिया।

भारतीय धार्मिक संगठनों और अधिकारियों ने इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए इसे धर्म के आधार पर भेदभाव और हिंदू–सिख एकता को तोड़ने की कोशिश बताया। यह जत्था पाकिस्तान में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पहली बार गया था, इसलिए इस घटना ने दोनों समुदायों में आक्रोश पैदा किया है।

पूर्व मंत्री चावला का कड़ा बयान

पूर्व स्वास्थ्य मंत्री प्रो. लक्ष्मीकांत चावला ने इसे भारत में धार्मिक विभाजन फैलाने की पाकिस्तानी साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि सिख और हिंदू एक ही परिवार की दो शाखाएँ हैं और किसी देश को उन्हें अलग करने का अधिकार नहीं है।

उन्होंने कहा कि हर रोज़ हजारों हिंदू श्रद्धालु श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचते हैं और सिख समुदाय भी भारत के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धा से दर्शन करता है। ऐसे में पाकिस्तान का यह रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य है।

चावला ने केंद्र सरकार से कड़ा कदम उठाने और पाकिस्तान को उसी की नीति के अनुसार जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान इस तरह की हरकतें करता है तो भारत भी पाकिस्तानी हिंदू श्रद्धालुओं की यात्रा पर रोक लगाने पर विचार करे।

Vivek Singh
Author: Vivek Singh

5
पंजाब में आई भयंकर बाढ़ का ज़िम्मेदार आप किसे मानते हैं?

सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather

और पढ़ें

राज्य