बिहार चुनाव: शिक्षा मुद्दा क्यों नहीं बन पा रहा चुनावी एजेंडा?

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Bihar Elections: Why is education not becoming an election agenda? Based on Ravish Kumar's YouTube analysis

रवीश कुमार के यूट्यूब विश्लेषण पर आधारित

 

बिहार के चुनावी माहौल में एक बार फिर वोट चोरी का मुद्दा गरमाया हुआ है, लेकिन राहुल गांधी अपने भाषणों में शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस नेता बिहार में केंब्रिज और हार्वर्ड जैसे विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय स्थापित करने का वादा कर रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह मुद्दा बिहार के मतदाताओं तक पहुँच पा रहा है?

राहुल गांधी का वादा बनाम अमित शाह का दावा

राहुल गांधी ने अपने चुनावी भाषणों में बिहार की शैक्षणिक संभावनाओं को रेखांकित किया है। उन्होंने कहा, “बिहार दुनिया की शिक्षा का केंद्र बन सकता है। हम यहाँ विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय बनाएँगे।” वहीं गृह मंत्री अमित शाह नालंदा विश्वविद्यालय के पुनरुद्धार पर जोर दे रहे हैं और कहते हैं कि “100 बख्तियार खिलजी भी आ जाएँ, अब नालंदा को कोई नहीं तोड़ सकता।”

बिहार की शिक्षा व्यवस्था की सच्चाई

बिहार में उच्च शिक्षा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। रवीश कुमार ने अपने विश्लेषण में बताया कि:

  • पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने की माँग अब तक पूरी नहीं हुई।

  • जेपी विश्वविद्यालय, छपरा में बी.ए. की डिग्री पूरी होने में 5 साल लगते हैं।

  • तिलका माँझी भागलपुर विश्वविद्यालय में 148 शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं।

  • पुस्तकालयों से पंखे, कंप्यूटर, इन्वर्टर तक चोरी होने की खबरें सामने आई हैं।

युवाओं का पलायन और शिक्षा का संकट

बिहार के युवा 12वीं के बाद ही दिल्ली, बैंगलोर, वाराणसी जैसे शहरों का रुख करने को मजबूर हैं। रवीश कुमार के अनुसार, “बिहार में ईमानदार छात्रों के लिए कुछ नहीं बचा। नौकरी न मिलने पर वे मजदूरी करने को मजबूर हैं।”

क्या मीडिया शिक्षा मुद्दे को कवर कर रहा है?

रवीश कुमार ने इस बात पर चिंता जताई कि मीडिया शिक्षा जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा नहीं कर रहा। उन्होंने कहा, “मीडिया वोट चोरी के मुद्दे को भी गंभीरता से नहीं उठा रहा, जबकि राहुल गांधी ने हरियाणा में 25 लाख फर्जी मतदाताओं का मामला उठाया था।”

निष्कर्ष

बिहार चुनाव में शिक्षा एक अहम मुद्दा हो सकता था, लेकिन यह चुनावी बहस का केंद्र नहीं बन पा रहा। राहुल गांधी और अमित शाह के बीच नालंदा विश्वविद्यालय को लेकर बहस जारी है, लेकिन बिहार के युवाओं की शैक्षणिक समस्याओं का समाधान अभी दूर की कौड़ी नजर आ रही है।


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Author: Jantak khabar

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