आई लव मोहम्मद’ विवाद: बरेली हिंसा से जुड़े मौलवी समेत 2 दर्जन से ज्यादा लोग गिरफ्तार

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Vivek Singh

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उत्तर प्रदेश पुलिस ने बरेली में शुक्रवार को हुई हिंसा के मामले में मौलाना और इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रज़ा खान को हिरासत में लिया है। इस हिंसा में दो दर्जन से अधिक लोगों को पुलिस ने पकड़ा है।

 

पुलिस के अनुसार, तौकीर रज़ा खान ने शुक्रवार की नमाज के बाद शहर में प्रस्तावित ‘आई लव मोहम्मद’ प्रदर्शन को रद्द करने की अंतिम समय पर घोषणा की थी। इस घोषणा के बाद बड़ी संख्या में भीड़ उनके आवास और कोतवाली क्षेत्र स्थित मस्जिद के पास इकट्ठा हो गई और पुलिस से झड़प हो गई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया और कई गाड़ियों व दुकानों में तोड़फोड़ की, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

बरेली एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा,

“इस मामले में सात एफआईआर दर्ज हुई हैं और मौलाना तौकीर रज़ा का नाम सामने आया है। इसे हमारी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा।”

पुलिस का कहना है कि नमाज से पहले धार्मिक नेताओं से बात की गई थी और आश्वासन मिला था कि कोई प्रदर्शन नहीं होगा। लेकिन बाद में यह दावा किया गया कि प्रदर्शन रद्द करने का हस्ताक्षर जाली था, जबकि वास्तव में हस्ताक्षर उन्हीं तीन लोगों के थे जिन्होंने यह सहमति दी थी।

कौन हैं मौलाना तौकीर रज़ा खान?

तौकीर रज़ा खान बरेलवी सुन्नी मुस्लिम संप्रदाय के संस्थापक अहमद रज़ा खान के प्रत्यक्ष वंशज हैं। वह पिछले दो दशकों से राजनीति में सक्रिय हैं और बरेली व आसपास के जिलों में उनका असर माना जाता है। गुरुवार को उन्होंने चेतावनी दी थी कि प्रदर्शन हर हाल में होगा। लेकिन बाद में उन्होंने प्रशासन से अनुमति न मिलने का हवाला देते हुए इसे स्थगित कर दिया।

बरेली में क्या हुआ?

  • नमाज के बाद भीड़ इस्लामिया इंटर कॉलेज मैदान की ओर मार्च करना चाहती थी।

  • पुलिस ने खलील तिराहा पर भीड़ को रोकने की कोशिश की।

  • इसके बाद पथराव और तोड़फोड़ शुरू हो गई।

  • पुलिस को लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा।

  • घटनास्थल से टूटा कांच, चप्पल और पत्थर बिखरे पाए गए।

‘आई लव मोहम्मद’ विवाद क्या है?

इस विवाद की शुरुआत 9 सितंबर को कानपुर से हुई थी, जब एक बारावफात जुलूस के दौरान सड़क पर ‘आई लव मोहम्मद’ लिखे बोर्ड लगाए गए। इस पर हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई और इसे परंपरा से विचलन और “उकसावे की कोशिश” बताया।
इसके बाद यह विवाद यूपी के कई जिलों और उत्तराखंड व कर्नाटक तक फैल गया। कई जगह प्रदर्शन हुए और पुलिस ने कार्रवाई की।

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Author: Vivek Singh

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