धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ाते हुए भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को धर्मशाला सर्किट हाउस में महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक की। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में संगठनात्मक जिला कांगड़ा भाजपा और वरिष्ठ नेताओं ने 4 दिसंबर से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के दौरान सुक्खू सरकार को चारों ओर से घेरने की विस्तृत योजना को अंतिम रूप दिया।
बैठक में भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के तीन साल के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश हर मोर्चे पर बदहाली की ओर बढ़ा है। स्वास्थ्य सेवाओं के चरमराने, बेरोजगारी बढ़ने, कर्मचारियों की वेतन-पेंशन समस्याओं, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और झूठी गारंटियों को लेकर अब जनता पूरी तरह आक्रोशित है।
विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि अस्पतालों में स्टाफ और संसाधनों की भारी कमी है, जबकि सरकार केवल कागजों पर काम दिखाकर वाहवाही लूट रही है। उन्होंने कहा कि 4 दिसंबर को जनता सड़क पर उतरकर अपना रोष दर्ज कराएगी और भाजपा का प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन एक ऐतिहासिक जन-गर्जना साबित होगा।
भाजपा नेताओं के अनुसार, यह सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि हिमाचल की जनता की आवाज़ है, जिसे अब रोका नहीं जा सकेगा। पार्टी का दावा है कि 4 दिसंबर को धर्मशाला सरकार के खिलाफ बड़े जनसमूह का प्रतीक बनेगा।
सर्किट हाउस में हुई इस बैठक में वरिष्ठ भाजपा नेताओं, पूर्व विधायकों, प्रवक्ताओं, जिलाध्यक्षों और कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या मौजूद रही। सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि सुक्खू सरकार की नाकामियों को जनता के सामने लाने का समय आ गया है, और 4 दिसंबर का दिन राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा।
























