शिमला।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने के लिए खिलाड़ियों की प्रोत्साहन राशि में बड़ा इजाफा किया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अगुवाई में प्रदेश सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए पुरस्कार राशि को कई गुना बढ़ा दिया है।
अब ओलंपिक, शीतकालीन ओलंपिक और पैरालंपिक में स्वर्ण पदक विजेताओं को 5 करोड़ रुपये, रजत विजेताओं को 3 करोड़ रुपये, और कांस्य पदक विजेताओं को 2 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी। पहले यह राशि क्रमशः 3 करोड़, 2 करोड़ और 1 करोड़ रुपये थी।
🌏 एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भी बढ़ाई गई राशि
सरकार ने एशियाई खेलों और पैरा ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेताओं की पुरस्कार राशि 50 लाख से बढ़ाकर 4 करोड़ रुपये कर दी है।
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रजत पदक विजेताओं को अब 2.50 करोड़ रुपये
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कांस्य पदक विजेताओं को 1.50 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
इसी तरह राष्ट्रमंडल और पैरा राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वालों को 3 करोड़, रजत को 2 करोड़, और कांस्य विजेताओं को 1 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।
पिछले वर्ष राज्य सरकार ने पैरालंपिक, एशियाई, राष्ट्रमंडल खेलों और विश्व कप में भाग लेने वाले अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को कुल 17.44 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की थी।
🏋️♂️ खिलाड़ियों को मिलेगा अवकाश और रोजगार का अवसर
राज्य सरकार ने तय किया है कि राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को उस अवधि में विशेष अवकाश दिया जाएगा। इसके साथ ही तीन प्रतिशत खेल कोटा के तहत अब तक 99 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।
🥗 आहार भत्ता और यात्रा सुविधा में भी सुधार
खिलाड़ियों के पोषण को ध्यान में रखते हुए सुक्खू सरकार ने आहार भत्ता बढ़ाने का फैसला लिया है।
प्रदेश से बाहर प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को अब
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200 किमी तक AC-3 टियर रेल किराया
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लंबी दूरी पर इकोनॉमी क्लास हवाई यात्रा का खर्चा
राज्य सरकार वहन करेगी।
वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 में खेल मैदानों और खेल अवसंरचना पर 38 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
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रामपुर बुशहर (शिमला) के दत्तनगर में 9.45 करोड़ की लागत से स्पोर्ट्स हॉस्टल का निर्माण हुआ है।
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सिरमौर जिले के माजरा में 7.28 करोड़ की लागत से हॉकी एस्ट्रोटर्फ तैयार किया गया है।

























