चंडीगढ़।
पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) में सोमवार को सीनेट चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग को लेकर छात्रों का प्रदर्शन उग्र हो गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और विद्यार्थियों के बीच धक्का-मुक्की हुई और हालात तनावपूर्ण बन गए। पुलिस ने यूनिवर्सिटी के एक नंबर गेट को बंद कर दिया, जबकि दो और तीन नंबर गेट से ही सीमित एंट्री दी जा रही है।
विद्यार्थियों का कहना है कि जब तक सीनेट चुनाव की तारीख का ऐलान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं, पुलिस द्वारा कुछ छात्रों को हिरासत में लिए जाने की खबर फैलते ही प्रदर्शनकारियों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने गेट खोलकर यूनिवर्सिटी में प्रवेश कर लिया।
🚨 पुलिस तैनात, यूनिवर्सिटी दो दिन बंद
बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने सोमवार और मंगलवार को पंजाब यूनिवर्सिटी में अवकाश घोषित कर दिया है।
चंडीगढ़ पुलिस ने करीब 2000 जवानों की तैनाती की है और शहरभर में 12 जगह नाकाबंदी की गई है।
सिर्फ उन्हीं लोगों को यूनिवर्सिटी में प्रवेश की अनुमति है जिनका वैध पहचान पत्र और जरूरी काम है।
प्रदर्शन में अब किसान संगठन और कई राजनीतिक दल भी शामिल हो गए हैं। रविवार रात भी छात्रों ने गेट पर धरना दिया था, जिसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कंवरपाल कौर ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली थी।
🗳️ पृष्ठभूमि — सीनेट और सिंडिकेट भंग करने से भड़का विवाद
28 अक्टूबर को केंद्र सरकार ने पंजाब यूनिवर्सिटी की 59 साल पुरानी सीनेट और सिंडिकेट को भंग करने की अधिसूचना जारी की थी।
इस फैसले के बाद राजनीतिक विरोध तेज हो गया। पंजाब सरकार के मंत्री हरपाल चीमा, शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, और कांग्रेस नेता प्रगट सिंह ने इस निर्णय को “पंजाबियत खत्म करने की साजिश” बताया था।
विरोध बढ़ने पर केंद्र सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं बल्कि स्थगित किया, जिससे छात्रों का आक्रोश कम नहीं हुआ। उन्होंने “यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा” बनाकर आमरण अनशन शुरू किया और अब तक विरोध जारी है।
🗣️ राजनीतिक प्रतिक्रिया — वडिंग ने कहा, “लोकतंत्र या तानाशाही?”
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने कहा,
“छात्रों को अपने ही विश्वविद्यालय में घुसने से रोका जा रहा है। लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार लोकतंत्र पर कलंक है। यह लोकतंत्र नहीं, छिपी हुई तानाशाही है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पंजाब से विश्वविद्यालय को छीनने की कोशिश कर रही है और कांग्रेस इस मुद्दे पर पंजाब के युवाओं के साथ खड़ी है।
इस बीच, पुलिस बंदोबस्त और रोडब्लॉक्स के कारण जीरकपुर हाईवे, मोहाली और मुल्लापुर में भारी जाम लग गया, जिससे आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।

























