स्टाफ रिपोर्टर — शिमला
हिमाचल प्रदेश में ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले ग्राहकों को साइबर ठग अपना निशाना बना रहे हैं। फर्जी डिलीवरी एजेंट बनकर ठग उपभोक्ताओं से ओटीपी (OTP) मांगते हैं और मोबाइल फोन हैक कर खातों से पैसे उड़ा देते हैं।
देशभर में डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन बैंकिंग तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इसी के साथ साइबर क्राइम भी नए-नए तरीके अपना रहा है।
फ्लिपकार्ट, अमेज़ॉन जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने सुरक्षित डिलीवरी के लिए OTP डिलीवरी सिस्टम शुरू किया है, पर इसके बावजूद धोखेबाज़ों के हौसले बुलंद हैं।
हाल के दिनों में कई मामले सामने आए हैं, जिनमें स्कैमर डिलीवरी बॉय बनकर ग्राहक के घर पहुंचते हैं और कैश ऑन डिलीवरी का बहाना बनाते हुए ओटीपी लेकर पूरा फोन सिस्टम कंट्रोल कर लेते हैं।
🔍 कैसे धोखा देते हैं फर्जी डिलीवरी एजेंट?
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शातिर ग्राहक के पास खुद को डिलीवरी बॉय बताकर पहुंचते हैं।
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कहते हैं कि पैकेज कैश ऑन डिलीवरी है और भुगतान करना होगा।
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यदि ग्राहक इनकार करे, वे दिखावटी रूप से डिलीवरी कैंसिल करने लगते हैं।
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इस प्रक्रिया में वे ग्राहक से OTP ले लेते हैं।
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OTP मिलते ही गैंग मोबाइल हैक कर बैंक खाते खाली कर देते हैं।
🛡️ कैसे बचें इस नए स्कैम से? — एसपी साइबर क्राइम का अलर्ट
हिमाचल पुलिस के एसपी साइबर क्राइम रोहित मालपानी ने बताया कि देशभर में ऐसे मामलों में बड़ी बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने नागरिकों को ये जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी:
✔ OTP किसी के साथ साझा न करें
चाहे वह डिलीवरी बॉय ही क्यों न हो।
✔ डिलीवरी एजेंट की पहचान अवश्य सत्यापित करें
यूनिफॉर्म, आईडी कार्ड व कंपनी का संदेश चेक करें।
✔ पैकेज को पहले खोलकर देखें
फिर ही भुगतान या कन्फर्मेशन करें।
✔ संदिग्ध लिंक या वेबसाइट से दूरी बनाए रखें
किसी भी तरह की व्यक्तिगत जानकारी न भरें।
✔ सिर्फ वेरिफाइड डिजिटल पेमेंट ऐप ही इस्तेमाल करें
UPI, कार्ड, वॉलेट—केवल प्रमाणित ऐप।
✔ ऑर्डर हिस्ट्री की हमेशा जांच करें
अगर ऐप में ऑर्डर नहीं दिख रहा तो वह फर्जी है।
🚨 साइबर ठगी का शिकार हों तो तुरंत मदद लें
कॉल करें: 1930 — राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन
या शिकायत करें: Cybercrime.gov.in

























