हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में जापान दौरे पर गए राज्य के प्रतिनिधिमंडल ने पहले ही दिन बड़ी जापानी कंपनियों से महत्वपूर्ण बैठकें कीं और उन्हें हरियाणा में निवेश करने का आमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री सैनी के साथ उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी उपस्थित रहे। टोक्यो में हुई बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जापान की अग्रणी इलेक्ट्रॉनिक कंपनी टीडीके कॉरपोरेशन के साथ सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और चुंबकीय सामग्री के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि टीडीके कॉरपोरेशन की सहायक कंपनी ATL बैटरी हरियाणा के ईएमसी सोहना में भारत का सबसे बड़ा लिथियम-आयन बैटरी विनिर्माण संयंत्र स्थापित कर रही है। यह परियोजना हरियाणा को ऊर्जा भंडारण तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी बनाएगी और राज्य में रोजगार, नवाचार और तकनीकी विकास को प्रोत्साहित करेगी।

मुख्यमंत्री सैनी ने टीडीके और अन्य पार्टनर कंपनियों को हरियाणा में एक व्यापक इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण इकोसिस्टम स्थापित करने का निमंत्रण दिया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत उद्योगों के लिए सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जिससे सभी जरूरी NOC और अनुमोदन एक ही जगह से मिल जाते हैं।
सैनी ने कहा कि दिल्ली से सटे हरियाणा का भौगोलिक स्थान उद्योगों के लिए आदर्श है, क्योंकि राज्य की सीमा राष्ट्रीय राजधानी से तीन ओर लगती है। गुरुग्राम में पहले से ही 250 से अधिक फॉर्च्यून 500 कंपनियों के कार्यालय मौजूद हैं, जो हरियाणा की उद्योग-अनुकूल छवि को मजबूत करते हैं।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग देगी और उद्योगों के सफल संचालन के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।
जापान में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, विदेश सहयोग विभाग की सचिव अमनीत पी. कुमार, और HSIIDC के एमडी यश गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

























