शिमला:
हिमाचल प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने गुरुवार को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में महत्वपूर्ण मांग रखी। उन्होंने कहा कि कुपोषण की रोकथाम के लिए केंद्र सरकार को पूरक पोषाहार की दरों में बढ़ोतरी करनी चाहिए।
डा. शांडिल ने बताया कि प्रदेश को इस वित्त वर्ष में आंगनवाड़ी सेवा योजना के तहत अब तक 66 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जबकि 113 करोड़ रुपये का केंद्रीय हिस्सा राज्य सरकार पहले ही अपने कोष से खर्च कर चुकी है। उन्होंने केंद्र सरकार से दूसरी किस्त जल्द जारी करने की अपील की।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि विशेष पोषाहार कार्यक्रम के तहत हिमाचल को 4013.01 लाख रुपये की राशि मिली है, जिसमें से 1516.09 लाख रुपये पहले ही व्यय हो चुके हैं। शांडिल ने सुझाव दिया कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों में आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण के लिए प्री-फेब्रिकेटेड ढांचे को शामिल किया जाए, ताकि परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा सके।
डा. शांडिल ने बताया कि ‘पोषण भी पढ़ाई भी’ कार्यक्रम के तहत प्रदेश के डीपीओ, सीडीपीओ और सुपरवाइजरों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है, जो अब सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर बच्चे और माताओं के पौष्टिक आहार की सुनिश्चितता के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

























