मटौर — पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) की हालत इन दिनों बेहद खराब हो चुकी है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं, जिससे आम लोगों से लेकर मरीजों तक को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात बीत चुकी है, लेकिन सड़क की मरम्मत के नाम पर केवल पैचवर्क किया जा रहा है, जो कुछ ही दिनों में फिर से उखड़ जाता है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि फोरलेन प्रोजेक्ट शुरू हुए कई साल हो गए, लेकिन कार्य की गति बहुत धीमी है। लोगों का कहना है कि इस सड़क से हर दिन हजारों वाहन गुजरते हैं, मगर हालत किसी गाँव की टूटी कच्ची सड़क जैसी है।
मोटरसाइकिल, कार और ऑटो चालकों को झटकों के साथ गड्ढों में फंसकर निकलना पड़ता है। इसके चलते वाहन टायर और सस्पेंशन सिस्टम तेजी से खराब हो रहे हैं। पहले जो सर्विस छह महीने बाद करानी पड़ती थी, अब हर महीने करवानी पड़ रही है।
एंबुलेंस से सफर कर रहे मरीजों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से फ्रैक्चर और ऑपरेशन वाले मरीजों को इन झटकों से काफी दर्द झेलना पड़ता है। टांडा मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए आने वाले चंबा, ऊना, हमीरपुर, कुल्लू और कांगड़ा जिलों के मरीजों को इस खस्ताहाल सड़क से गुजरना बेहद कठिन हो गया है।
स्थानीय लोगों ने सरकार और एनएचएआई से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कर ड्राइविंग को सुरक्षित बनाने की मांग की है।

























