स्टाफ रिपोर्टर — शिमला
प्रदेश सरकार द्वारा इस वर्ष धान खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है। अब तक 17,684.92 मिट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है और 4,203 किसानों को कुल 39.52 करोड़ रुपये का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में भेज दिया गया है।
धान खरीद को पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के लिए खाद्य आपूर्ति विभाग ने ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है, जिस पर किसान अपना पंजीकरण करवा रहे हैं। अब तक 5,873 किसानों ने पंजीकरण किया, जिनमें से 5,832 पंजीकरण वेरिफाई कर लिए गए हैं।
📅 धान खरीद अवधि और मूल्य
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खरीद अवधि: 3 अक्टूबर से 15 दिसंबर 2025
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धान का समर्थन मूल्य: ₹2,425 प्रति क्विंटल
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कुल खरीद लक्ष्य: 31,100 MT
🏬 प्रदेश के 11 धान खरीद केंद्र
किसानों की सुविधा के लिए विभाग ने 11 मंडियों में खरीद केंद्र स्थापित किए हैं—
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अनाज मंडी फतेहपुर
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रियाली
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मीलवां
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नगरोटा बगवां (कांगड़ा)
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धौलाकुआं
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पांवटा साहिब (सिरमौर)
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मार्केट यार्ड नालागढ़
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मलपूर बद्दी (सोलन)
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मार्केट यार्ड टकारला
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रामपुर (ऊना)
इन केंद्रों पर प्रतिदिन बड़े स्तर पर खरीद जारी है और किसानों को टोकन सिस्टम के माध्यम से बुलाया जा रहा है।
🖥️ पोर्टल पर आसानी से करें पंजीकरण
खाद्य आपूर्ति विभाग के निदेशक राम कुमार गौतम ने बताया कि:
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किसान कंप्यूटर कैफे, लोक-मित्र केंद्र या मोबाइल फोन से भी पंजीकरण कर सकते हैं।
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पंजीकरण के लिए आधार, बैंक खाता विवरण और भूमि से संबंधित जानकारी अपलोड करनी होगी।
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पंजीकरण के बाद किसान को टोकन नंबर और फसल बेचने की तिथि मिल जाएगी।
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भुगतान पूरी तरह बैंक खाते में डायरेक्ट ट्रांसफर होगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी।
प्रदेश में धान खरीद व्यवस्था किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है और सरकार का दावा है कि तय समय में सभी किसानों की फसल खरीदकर भुगतान किया जाएगा।

























