📍 पटना ब्यूरो रिपोर्ट
कांग्रेस ने बिहार में एक बड़े वित्तीय घोटाले का आरोप लगाया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर दावा किया कि पूर्व केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति गौतम अडानी से जुड़ा ₹60,000 करोड़ रुपए का घोटाला उजागर किया है।
वेणुगोपाल ने कहा कि आर.के. सिंह वर्ष 2017 से 2024 तक ऊर्जा मंत्री रहे और अब उन्होंने खुलासा किया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार में अडानी समूह को ‘रेड कारपेट ट्रीटमेंट’ दिया। उनके अनुसार, बिहार को छह रुपये प्रति यूनिट की महंगी दर पर बिजली खरीदने का प्रस्ताव इसी भ्रष्टाचार का हिस्सा है।
कांग्रेस महासचिव ने इसे गरीब और मध्यम वर्ग की जेब से पैसा निकालकर उद्योगपतियों की तिजोरी भरने की साजिश बताया। उन्होंने कहा —
“पूरा सिस्टम प्रधानमंत्री कार्यालय से रिमोट कंट्रोल पर चल रहा है। यह सिस्टम अब अडानी जैसे पूंजीपतियों के लिए ‘लूट की मशीन’ बन चुका है।”
उन्होंने यह भी कहा कि इस कथित घोटाले की स्वतंत्र जांच कराई जाएगी और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
बिहार के राजनीतिक गलियारों में यह बयान चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि आर.के. सिंह स्वयं बिहार से सांसद रहे हैं और लंबे समय तक ऊर्जा मंत्रालय का नेतृत्व कर चुके हैं। इस खुलासे के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच एक बार फिर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है।

























