चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की कानूनी परेशानियां और बढ़ गई हैं। पहले से ही आय से अधिक संपत्ति मामले में गिरफ्तार मजीठिया पर अब भ्रष्टाचार के आरोप को लेकर भी मुकदमा चलाने का रास्ता साफ हो गया है।
जानकारी के अनुसार, पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने भ्रष्टाचार के मामले में मजीठिया के खिलाफ केस चलाने की अनुमति दे दी है। यह मंजूरी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की धारा 19 के तहत दी गई है। इस मंजूरी के बाद अब जांच एजेंसी मुकदमा आगे बढ़ा सकेगी।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले 8 सितंबर 2025 को पंजाब कैबिनेट ने इस मामले में राज्यपाल को सिफारिश भेजी थी। कैबिनेट की रिकमेंडेशन पर विचार करने के बाद आखिरकार राजभवन ने केस दर्ज करने की औपचारिक अनुमति दे दी है।
क्या है मामला?
बिक्रम मजीठिया पर आरोप है कि उन्होंने मंत्री रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग किया और आय से अधिक संपत्ति अर्जित की। इसके अलावा, कुछ संवेदनशील मामलों में प्रभाव का इस्तेमाल करने और अवैध लाभ लेने के आरोप भी सामने आए हैं।
राज्य सरकार और जांच एजेंसी का दावा है कि जांच में पर्याप्त सबूत मिले हैं, जिनके आधार पर उनके खिलाफ मामला चलाना जरूरी है।
SAD की प्रतिक्रिया
शिरोमणि अकाली दल ने एक बार फिर इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि पंजाब सरकार विपक्ष को दबाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, सरकार व जांच एजेंसियां इसे कानूनी और तथ्यों पर आधारित कार्रवाई बता रही हैं।
अब आगे क्या?
राज्यपाल की मंजूरी के बाद अब अदालत में केस चलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जांच और तेज होगी और कोर्ट में सुनवाई शुरू होने पर कई बड़े खुलासे संभव हैं।

























