फसल अवशेष जलाने पर होगी सख्त कार्रवाई, SDM अभिनव सिवाच ने दिए निर्देश — बोले, पर्यावरण बचाना सबकी जिम्मेदारी

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फसल अवशेष जलाने पर सख्त कार्रवाई के आदेश, SDM सिवाच

कुरुक्षेत्र। खेतों में पराली जलाने (Stubble Burning) की घटनाओं पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपमंडल अधिकारी (नागरिक) अभिनव सिवाच (IAS) ने स्पष्ट कहा है कि जो भी किसान फसल अवशेष जलाते हुए पकड़ा जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि खेतों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने विशेष टीमें गठित की हैं, जो निरंतर निगरानी कर रही हैं। सिवाच गुरुवार को बीडीपीओ कार्यालय में आयोजित बैठक में सभी सरपंचों, ग्राम सचिवों, नंबरदारों, चौकीदारों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। बैठक में कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद भी मौजूद रहे।

एसडीएम सिवाच ने कहा कि पिछले कई हफ्तों से किसानों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिसका असर अब दिख रहा है — अब तक केवल एक ही पराली जलाने का मामला सामने आया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और राज्य सरकार के कानूनों के तहत कार्रवाई की गई है। दोषी किसान को दो साल तक किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलेगा और वह अपनी फसल को ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर बेच नहीं पाएगा।

उन्होंने बताया कि ग्राम सचिव, पटवारी, कृषि और पुलिस विभाग के अधिकारियों की क्षेत्रवार ड्यूटी लगाई गई है ताकि आगजनी की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर जाकर कार्रवाई की जा सके।

एसडीएम ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य किसानों को दंडित करना नहीं, बल्कि उन्हें फसल अवशेषों का निस्तारण कृषि यंत्रों से करने के लिए प्रेरित करना है। खेतों में आगजनी की निगरानी के लिए सैटेलाइट सर्विलांस सिस्टम भी लगाया गया है।

सिवाच ने चेतावनी दी — “यदि कोई किसान दोबारा फसल अवशेषों में आग लगाते पाया गया, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।”

Vivek Singh
Author: Vivek Singh

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