स्टाफ रिपोर्टर — शिमला।
हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शुक्रवार को शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-4) के तहत प्रदेश को 294 सड़कों के निर्माण के लिए 2271 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार ने केंद्र के समक्ष हिमाचल के हितों की आवाज बुलंद की थी, जिसके बाद यह स्वीकृति मिली है। इन सड़कों की कुल लंबाई 1538 किलोमीटर होगी और इसमें पीएमजीएसवाई-1 की सड़कों की टारिंग का कार्य भी शामिल रहेगा।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि जैसे ही सभी औपचारिकताएं पूरी होंगी, इन सड़कों की टेंडरिंग प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
पीएमजीएसवाई-3 में 299 सड़कें स्वीकृत, 41 पूरी
मंत्री ने बताया कि पीएमजीएसवाई-3 के तहत 299 सड़कों (कुल 3123 किमी लंबाई) को मंजूरी मिली थी। इनमें से 41 सड़कें पूरी हो चुकी हैं, जबकि 1167 किमी लंबाई की सड़कें 1350 करोड़ रुपये से बनाई जा चुकी हैं। 2022 से 2024 तक प्रदेश में 3550 किमी सड़कों का नवीनीकरण किया गया है।
भूमि दान के बिना नहीं बनेंगी सड़कें
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि राज्य में 700 बस्तियां अभी भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। उन्होंने बताया कि अब सड़क निर्माण के लिए भूमि दान (गिफ्ट डीड) अनिवार्य कर दिया गया है।
उन्होंने कहा — “प्रदेश की जनता से अपील है कि सड़क निर्माण के लिए भूमि दान करें, ताकि विकास का लाभ सभी तक पहुंचे।”
अब तक 294 लोगों ने सड़क निर्माण के लिए गिफ्ट डीड दी है।
गुणवत्ता जांच के लिए कमेटी गठित
मंत्री ने स्वीकार किया कि कई स्थानों पर सड़क टारिंग की गुणवत्ता में कमी की शिकायतें मिली हैं।
उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग के सचिव की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की गई है, जिसमें E.N.C. अधिकारी भी शामिल हैं।
एक सप्ताह में पूरे प्रदेश से रिपोर्ट मांगी गई है। जहां भी गुणवत्ता में कमी पाई जाएगी, वहां संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
एनएच मुरम्मत को मिले 19 करोड़ रुपये
विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि राज्य के भरमौर, ढली–सैंज और किन्नौर राष्ट्रीय राजमार्गों को हुए नुकसान की मरम्मत के लिए 19 करोड़ रुपये की एफडीआर राशि स्वीकृत की गई है।
उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग विपरीत परिस्थितियों में भी सड़कें सुचारू बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

























