रिकांग पियो |
हिमाचल प्रदेश का किन्नौर जिला इस वर्ष सेब उत्पादन में एक बार फिर सुर्खियों में है। बागवानी विभाग के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, इस साल जिले में 33,53,089 सेब पेटियों का उत्पादन हुआ है। हालांकि यह आंकड़ा पिछले वर्ष के रिकॉर्ड से थोड़ा कम है, लेकिन सेब की गुणवत्ता, स्वाद और मांग ने किन्नौर को फिर से भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ सेब उत्पादक क्षेत्रों में शामिल कर दिया है।
किन्नौर के कुरकुरे, रसीले और सुगंधित सेब अपनी अनोखी मिठास, स्वाद और लंबी शेल्फ लाइफ के कारण यूरोप और अमेरिका की प्रीमियम किस्मों से तुलना योग्य माने जाते हैं।
🌿 बागवानी विभाग के आंकड़े: पूह ब्लॉक सबसे आगे
बागवानी विभाग के उप निदेशक डॉ. भूपेंद्र नेगी ने बताया कि
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कल्पा ब्लॉक में 10,27,673 पेटियाँ,
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निचार ब्लॉक में 10,96,093 पेटियाँ, और
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पूह ब्लॉक में 12,29,322 पेटियाँ सेब की पैदावार दर्ज की गई।
इस प्रकार पूह ब्लॉक ने इस सीजन में किन्नौर जिले का सर्वाधिक उत्पादन किया।
🚛 देशभर के 11 प्रमुख बाजारों तक पहुंचा किन्नौरी स्वाद
किन्नौर के सेबों को इस सीजन में देश के 11 प्रमुख सेब मंडियों तक भेजा गया, जिनमें दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़, पिंजौर, सोलन, शिमला, रतनपुर, बिथल, मतियाना, सैंज और खेगसू शामिल हैं।
इन बाजारों तक 12,671 वाहनों के माध्यम से सेब की खेप पहुंचाई गई।
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दिल्ली को सबसे अधिक 10 लाख से ज़्यादा पेटियाँ,
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मुंबई को लगभग 4 लाख पेटियाँ,
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जबकि बिथल को करीब 4.8 लाख पेटियाँ भेजी गईं।
डॉ. नेगी ने बताया कि किन्नौर के सेब इन सभी बाजारों में अभी भी बेहतरीन कीमतों पर बिक रहे हैं।
🧺 सेब सीजन का समापन 15 नवंबर को
बागवानी विभाग के अनुसार, चौरा सेब निरीक्षण बैरियर को 15 नवंबर से बंद कर दिया जाएगा। इसके साथ ही इस वर्ष के सेब परिवहन सीजन का औपचारिक समापन हो जाएगा।
🌸 किन्नौर के सेब — हिमाचल की शान
किन्नौर के सेब न सिर्फ हिमाचल की अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रहे हैं, बल्कि प्रदेश की अंतरराष्ट्रीय पहचान भी बन चुके हैं। यहां की ऊँचाई, ठंडा मौसम और मिट्टी की गुणवत्ता सेबों को एक अलग स्वाद और बनावट प्रदान करती है, जो उन्हें अन्य क्षेत्रों से विशिष्ट बनाती है।

























