शिमला/किन्नौर। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शिमला में शुक्रवार तड़के फिर से भूस्खलन हुआ, जिसके कारण शहर की मुख्य सर्कुलर रोड दूसरी बार अवरुद्ध हो गई। यह भूस्खलन सेंट एडवर्ड्स स्कूल के पास सुबह करीब 2 बजे हुआ, जिससे सड़क बंद हो गई और आसपास के बहुमंजिला भवनों के लिए खतरा पैदा हो गया। स्थिति को देखते हुए शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप ने सेंट एडवर्ड्स स्कूल को शुक्रवार और शनिवार को बंद रखने का आदेश दिया है। स्कूल को ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस बीच, शिमला जिले के कुमारसैन उपमंडल के करेवाठी पंचायत में गुरुवार देर शाम तीन मंजिला इमारत जमीन धंसने से ढह गई। घटना के समय इमारत खाली होने से बड़ा हादसा टल गया। लगातार हो रही बारिश से इलाके के लोग दहशत में हैं और आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं।
यह इस सप्ताह इस क्षेत्र में दूसरी बार भूस्खलन की घटना है। इससे पहले सोमवार को होटल हिमलैंड और बिशप कॉटन स्कूल के पास भारी मलबा गिरने से सड़कें बंद हो गई थीं। 16 सितम्बर को टूटीकांडी स्थित अंतरराज्यीय बस अड्डे के पास पंजाड़ी नाला में भूस्खलन से करीब 20 वाहन मलबे में दब गए थे।
उधर, किन्नौर जिले के थाव गांव में बादल फटने से भारी तबाही हुई। दो वाहन, कृषि भूमि और बगीचे बह गए। हालांकि समय रहते लोगों ने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण ले ली, जिससे जनहानि नहीं हुई। अधिकारियों के अनुसार कई घर अब भी भूस्खलन के खतरे में हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में 1 जून से 18 सितम्बर तक सामान्य से 46% अधिक बारिश हुई है। सामान्यत: इस अवधि में 698.3 मिमी वर्षा होती है, लेकिन इस साल अब तक 1019.4 मिमी बारिश हो चुकी है। सबसे ज्यादा बारिश मंडी जिले में दर्ज की गई है, जहां अब तक 1901.2 मिमी वर्षा हो चुकी है।
भारी बारिश के चलते कांगड़ा और हमीरपुर जिलों में भी हालात बिगड़े हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।

























