रामपुर बुशहर (शिमला)
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के ऐतिहासिक रामपुर बुशहर में आज से चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय लवी मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने दीप प्रज्वलित कर मेले की शुरुआत की। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में उत्साह और सांस्कृतिक रंगत का माहौल देखने को मिला।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि लवी मेला केवल व्यापार का उत्सव नहीं, बल्कि यह हिमाचल की गौरवशाली परंपराओं और एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन सदियों पुरानी उस परंपरा को जीवित रखता है, जब व्यापारी और स्थानीय समुदाय आपसी सहयोग से व्यापारिक मेलों का आयोजन करते थे।
🏞️ वीरभद्र सिंह को किया याद
राज्यपाल शुक्ल ने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह को याद करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में ही लवी मेले को अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिला था। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह का योगदान इस मेले को वैश्विक पहचान दिलाने में ऐतिहासिक रहा है।
🎭 लोक कलाकारों ने बांधा समां
विभिन्न जिलों से आए लोक कलाकारों ने हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत किया। पारंपरिक नृत्य, लोक गीत और शिल्पकला की झलक ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
राज्यपाल ने कहा कि ऐसे मेले स्थानीय कलाकारों, कारीगरों और किसानों को एक बड़ा मंच प्रदान करते हैं, जिससे पारंपरिक कला और शिल्प को बढ़ावा मिलता है।
🚫 नशे के खिलाफ एकजुटता की अपील
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने अपने संबोधन में प्रदेश में बढ़ रहे नशीले पदार्थों के खतरे पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा—
“चिट्टा जैसी लत समाज की जड़ें खोखली कर रही है। इसे मिटाने के लिए सरकार के साथ समाज को भी आगे आना होगा।”
उन्होंने कहा कि पुलिस अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर सख्त कार्रवाई कर रही है, लेकिन सामुदायिक भागीदारी के बिना इस बुराई को खत्म करना संभव नहीं।
🌿 पर्यावरण संरक्षण पर भी दिया जोर
राज्यपाल ने लोगों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि हम प्रकृति की रक्षा करेंगे, तो हिमाचल अपने आप सुरक्षित और समृद्ध रहेगा।
🏕️ स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन
इस अवसर पर राज्यपाल ने विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉल्स का भी उद्घाटन किया।
इन प्रदर्शनों में हिमाचली ऊनी वस्त्र, सूखे मेवे, हस्तशिल्प और स्थानीय कृषि उत्पादों का प्रदर्शन किया गया, जो पर्यटकों और व्यापारियों के आकर्षण का केंद्र बने।
राज्यपाल ने जिला प्रशासन और आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने लवी मेले की पारंपरिक भावना को बरकरार रखते हुए नए आकर्षण जोड़े हैं, जिससे यह उत्सव और भी जीवंत बन गया है।

























