हाल ही में कुछ अफ़वाहें उड़ीं कि भारत और चीन के बीच कूटनीतिक संबंध सुधरने के बावजूद चीनी शॉर्ट वीडियो ऐप टिकटॉक भारत में जल्द ही वापसी कर सकता है। लेकिन केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सितंबर 7, 2025 को स्पष्ट कहा कि सरकार के पास टिकटॉक पर लगे बैन को हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

मनीकंट्रोल से बातचीत में मंत्री ने कहा, “सरकार के किसी भी स्तर से इस दिशा में कोई प्रस्ताव नहीं आया है। टिकटॉक की वापसी को लेकर जो रिपोर्ट्स हैं, वे गलत हैं। हमने इस ऐप को लेकर अपनी सुरक्षा चिंता लगातार कायम रखी है।”
पिछले महीने टिकटॉक की वेबसाइट कुछ भारतीय यूज़र्स के लिए अचानक से खुल गई थी, जिसे लेकर यह मीडिया में चर्चा हुई कि ऐप वापसी की तैयारी में है। लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह एक तकनीकी समस्या थी, कोई नीति परिवर्तन नहीं हुआ है। टिकटॉक के प्रवक्ता ने भी माना कि उन्होंने भारत सरकार के आदेशों के तहत ऐप को अभी भी प्रतिबंधित रखा है।
टिकटॉक पर 2020 में बैन लगाया गया था, जब भारत ने 59 चीनी ऐप्स को सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी कारणों से प्रतिबंधित किया था। उस समय भारत टिकटॉक का सबसे बड़ा बाजार था, जिसमें 200 मिलियन से अधिक यूजर थे।
हालांकि बैन के बावजूद टिकटॉक की पैरेंट कंपनी ByteDance ने भारत में अपनी मौजूदगी बनाए रखी है। गुरुग्राम कार्यालय में हाल ही में नए पदों के लिए भर्ती की घोषणाएं की गई हैं, जिससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि भविष्य में कोई नया कदम उठाने की तैयारी हो सकती है। लेकिन सरकार ने इस पर अभी कोई आधिकारिक इजाजत नहीं दी है।
साथ ही, भारत और चीन के बीच हाल ही में हुई कूटनीतिक वार्ताओं के बीच, सरकार ने स्पष्ट किया है कि तकनीकी क्षेत्र में सहयोग संभव है, लेकिन जहां भी देशहितն हों, वहां सख्ती बरती जाएगी।
टिकटॉक की वापसी के सवाल पर केंद्रीय मंत्री का यह रुख साफ़ करता है कि भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकों के डेटा संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। फिलहाल, टिकटॉक के लिए भारत का रास्ता बंद ही है।

























