भारत को नया उपराष्ट्रपति मिल गया है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सीपी राधाकृष्णन मंगलवार को देश के 15वें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए। उन्होंने इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार न्यायमूर्ति बी सुदर्शन रेड्डी को 152 मतों के अंतर से पराजित किया। उपराष्ट्रपति चुनाव में कुल 98.20% मतदान हुआ, जिसमें 767 सांसदों ने हिस्सा लिया।
सीपी राधाकृष्णन को प्रथम वरीयता में 452 वोट मिले, जबकि बी सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट। 15 मत अवैध घोषित किए गए। इस चुनाव में 13 सांसदों ने मतदान नहीं किया, जिनमें बीजू जनता दल, भारत राष्ट्र समिति, शिरोमणि अकाली दल और एक निर्दलीय सांसद शामिल थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस के राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत अन्य शीर्ष नेताओं ने भी वोट डाला। उपराष्ट्रपति पद 21 जुलाई, 2025 से खाली था, जब जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे दिया था।

सीपी राधाकृष्णन का सफर:
चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन ने राज्यपाल और सांसद के रूप में लंबा राजनैतिक अनुभव हासिल किया है। वे महाराष्ट्र के 24वें राज्यपाल रह चुके हैं। इससे पहले झारखंड, तेलंगाना और पुडुचेरी में अतिरिक्त राज्यपाल के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाली। दो बार कोयंबटूर से सांसद रहे राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्टूबर, 1957 को तमिलनाडु में हुआ था।
बीजेपी में उनकी सक्रियता 1974 से शुरू हुई थी। 1996 में तमिलनाडु बीजेपी सचिव बने। उन्होंने 19000 किलोमीटर लंबी ‘रथ यात्रा’ का नेतृत्व किया, जिसका उद्देश्य भारतीय नदियों को जोड़ना, आतंकवाद उन्मूलन, समान नागरिक संहिता लागू करना और सामाजिक सुधार लाना था।
सांस्कृतिक और खेल क्षेत्र में भी राधाकृष्णन ने अपनी छवि बनाई। वे टेबल टेनिस चैंपियन रहे हैं और क्रिकेट- वॉलीबॉल में रुचि रखते हैं। विदेशों की यात्रा में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, जापान, चीन, सिंगापुर और अन्य देशों का दौरा शामिल है।
इस चुनाव में उन्हें अपार समर्थन मिला, जो उनके अनुभव और राष्ट्र सेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

























