99% वस्तुओं पर जीएसटी घटकर 5% की स्लैब में, मांग बढ़ाने के लिए किए गए सुधार: निर्मला सीतारमण

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फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि 12% जीएसटी ब्रैकेट में शामिल 99% वस्तुओं की दर अब 5% स्लैब में ला दी गई है। उन्होंने यह बात चेन्नई, तमिलनाडु में टैक्स रिफॉर्म्स फॉर राइजिंग भारत’ नामक ट्रेड और इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के संयुक्त समिट में कही।

जीएसटी सुधारों का असर

3 सितंबर को जीएसटी काउंसिल की बैठक में जो बड़े सुधार और स्लैब बदलाव किए गए थे, उनके लागू होते ही पूरे देश में व्यापक बदलाव आएंगे, जो सीधे भारत के 1.4 अरब नागरिकों को प्रभावित करेंगे। इस निर्णय को सभी राज्यों की सहमति से सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। नई दरें 22 सितंबर, नवरात्रि के पहले दिन से लागू होंगी, जो दिवाली से पहले प्रभावी होंगी।

तमिलनाडु और आम नागरिकों पर लाभ

निर्मला सीतारमण ने बताया कि जीएसटी सुधार से तमिलनाडु में विशेष लाभ होंगे। कुछ वस्तुओं की दर 18% से 5% तक, कुछ 12% से 5% और कुछ 12% से 0% कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जीएसटी हर नागरिक के रोजमर्रा के जीवन को प्रभावित करता है।

सीतारमण ने यह भी बताया कि 2017 में जीएसटी में 65 लाख लोग पंजीकृत थे, जो अब बढ़कर 1.51 करोड़ हो गए हैं। उन्होंने कहा, “अगर जीएसटी वास्तव में आलोचकों के अनुसार ‘गब्बर सिंह टैक्स’ होता, तो इतने करदाता बढ़ते नहीं।”

99% वस्तुओं पर जीएसटी घटकर 5% हुई: निर्मला सीतारमण

प्रमुख वस्तुओं और रिफंड में सुधार

350 से अधिक वस्तुओं की दर घटाई गई है, जिनमें रोजमर्रा की वस्तुएं, पैक्ड फूड, घरेलू सामान और थंजावुर की डॉल जैसी हस्तकला शामिल हैं। छोटे व्यवसायों के रिफंड के मुद्दों को भी हल किया गया है, जिसमें 90% रिफंड तेजी से प्रक्रिया में हैं और केवल 10% सत्यापन के लिए रोके गए हैं।

आर्थिक विकास और विश्वास निर्माण

सीतारमण ने कहा कि जीएसटी सुधार केवल दर कटौती तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह विश्वास निर्माण, मांग बढ़ाने और भारत को 2047 की दृष्टि की ओर ले जाने का माध्यम हैं। कृषि, एमएसएमई, खाद्य और आवश्यक सेवाओं में सुधार जारी रहेंगे।

तमिलनाडु के व्यापार और शिक्षा क्षेत्र में लाभ

IIT मद्रास के निदेशक कमाकोटी ने कहा कि शोध फंड पर जीएसटी छूट ने उच्च शिक्षा में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं, शैक्षणिक सामग्री और स्वास्थ्य उपकरण पर कर में कटौती मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए लाभकारी होगी। उपभोक्ता वस्तुओं जैसे टीवी, वाशिंग मशीन और छोटी कारों पर जीएसटी कटौती से खपत, लॉजिस्टिक्स, उत्पादन और रोजगार बढ़ेगा।

व्यापारियों की प्रतिक्रिया

तमिलनाडु ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रमराजा ने पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की और कहा कि व्यापारियों के लगातार संवाद से जीएसटी सुधार संभव हुआ। उन्होंने कहा कि किराने पर जीएसटी 18% से घटाकर 5% करना स्वागत योग्य है, लेकिन टैक्स अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न को भी रोकना जरूरी है।

तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने भी पीएम मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की प्रशंसा की और कहा कि जीएसटी दर कटौती निर्माण, बिजली खपत और उपभोक्ता मांग को और बढ़ाएगी। उन्होंने दुकानों पर पुराने और नए दाम स्पष्ट रूप से दिखाने की सलाह दी।

जीएसटी संरचना में बदलाव

इतिहास में पहली बार जीएसटी काउंसिल ने 56वीं बैठक में चार स्लैब (5%, 12%, 18%, 28%) को घटाकर दो मुख्य स्लैब—5% (मूल्यवर्धित) और 18% (मानक) के साथ 40% विशेष दर (सिन/लक्ज़री वस्तुओं) कर दिया। यह कदम नागरिकों पर कर का बोझ कम करने और आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए उठाया गया है।

(एएनआई)

Vivek Singh
Author: Vivek Singh

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