शारदीय नवरात्रि 2025: पूजा-अर्चना का शुभ समय और क्या करें क्या न करें
इस साल शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर से 1 अक्टूबर 2025 तक चलेगी। नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है, जिसमें अष्टमी और नवमी का विशेष महत्व है।
पूजा का शुभ समय:
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घटस्थापना मुहूर्त: सुबह 6:09 से 8:06 बजे तक (दोबारा 11:49 से 12:38 बजे तक)
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अष्टमी तिथि: 29 सितंबर शाम 4:31 बजे से शुरू होकर 30 सितंबर शाम 6:06 बजे तक (मंगलवार, 30 सितंबर को महाष्टमी)
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मां महागौरी पूजा: सुबह 9:12 से दोपहर 1:40 बजे तक (अष्टमी के दिन)
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कन्या पूजन: अष्टमी के दिन मां दुर्गा के रूप में छोटी कन्याओं की पूजा करनी चाहिए।
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नवमी तिथि: 30 सितंबर शाम 6:06 बजे से 1 अक्टूबर शाम 7:01 बजे तक
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मां सिद्धिदात्री पूजा: नवमी के दिन सुबह 10:41 बजे से दोपहर 12:10 बजे तक
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आयुध पूजा विजय मुहूर्त: दोपहर 2:09 से 2:57 बजे तक
नवरात्रि में करें:
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प्रतिदिन मां दुर्गा के नौ रूपों की भक्ति से पूजा करें।
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अष्टमी के दिन विशेष कन्या पूजन का विधान।
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सात्विक और शुद्ध भोजन करें, व्रत का पालन करें।
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गरीबों और जरूरतमंदों को दान करें, समाज सेवा करें।
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घर में साफ-सफाई और सकारात्मक वातावरण बनाएं।
नवरात्रि में न करें:
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नवरात्रि में तामसिक और अस्वीकृत भोजन (जैसे प्याज, लहसुन, मांस) से बचें।
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नकारात्मकता, झूठ, क्रोध से दूर रहें।
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नवरात्रि के दिनों में बाल कटवाना, नाखून काटना वर्जित माना जाता है।
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व्रत के समय अपवित्र जगहों पर न जाएं, पूजा विधि का पालन करें।
इस शुभ पर्व में मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजा करें। आपका यह पर्व सुख, समृद्धि और शांति लेकर आए।
नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं!

























