बिहार में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं। ऐसे में कांग्रेस कार्यसमिति की पटना में हुई बैठक के बीच आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी का बयान सियासत को गर्मा गया है। उन्होंने कहा कि 2020 के चुनाव में तेजस्वी यादव कांग्रेस की वजह से सरकार बनाने से चूक गए थे।

तिवारी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उस चुनाव में कांग्रेस ने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन केवल 19 सीटों पर ही जीत दर्ज कर सकी। कई सीटों पर पार्टी को बेहद कम वोट मिले। आरजेडी प्रवक्ता ने साफ कहा कि बिहार में सबसे बड़ी पार्टी आरजेडी है और उनकी ताकत कांग्रेस से कहीं अधिक है।
उन्होंने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर भी हमला बोला और कहा कि “ओवैसी खुद भाजपा की ‘बी टीम’ हैं।” तिवारी का आरोप है कि ओवैसी धमकी देकर गठबंधन करना चाहते थे और किसी के इशारे पर काम कर रहे हैं।
सीट बंटवारे पर टकराव
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस इस बार भी 70 सीटों की मांग कर रही है, लेकिन आरजेडी सीटों में कटौती कर सकती है। पिछली बार की 70 सीटों में से 8 पर कांग्रेस को 5,000 से भी कम वोट मिले थे। वहीं 27 सीटों पर उसका प्रदर्शन थोड़ा बेहतर रहा था।
आरजेडी ने कांग्रेस को पहले ही संकेत दे दिया है कि “जिताऊ-हराऊ सीटों के नाम पर अदला-बदली मंजूर नहीं है।” उधर, मुकेश सहनी, पशुपति पारस और हेमंत सोरेन जैसे नए सहयोगियों को भी जगह देनी होगी। ऐसे में कांग्रेस को इस बार कम सीटों पर संतोष करना पड़ सकता है।


























