नाभा में किसानों और पुलिस के बीच तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। मामला शंभू बॉर्डर से चोरी हुई ट्रॉलियों से जुड़ा है। किसानों का आरोप है कि नगरपालिका परिषद अध्यक्ष सुजाता चौला के पति पंकज पप्पू ने ट्रॉलियां अपने प्लॉट में छिपा रखी थीं और पुलिस ने उन पर मामूली धाराएं लगाकर जमानत का मौका दिया। इसी के विरोध में भारतीय किसान यूनियन आज़ाद, भटेड़ कलां और क्रांतिकारी यूनियन सहित चार संगठनों ने DSP दफ्तर के बाहर धरना शुरू कर दिया।
इसी दौरान जब नाभा की DSP मंदीप कौर दफ्तर से बाहर निकल रही थीं, तो किसानों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। DSP ने आरोप लगाया कि किसानों ने उनकी गाड़ी रोकी, धक्का-मुक्की की और उनकी वर्दी तक को हाथ लगाया। DSP का कहना है कि वे किसानों को रोक नहीं रही थीं बल्कि बातचीत के लिए आई थीं, लेकिन उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
👉 मामला गरमाने के बाद पुलिस और किसानों के बीच टकराव और गहराने की आशंका जताई जा रही है।

























