चंडीगढ़: पंजाब कैबिनेट ने बुधवार को राज्य में उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई अहम पहल को मंजूरी दी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को तेज विकास पथ पर आगे बढ़ाया जा सके।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि कैबिनेट ने पंजाब वन टाइम सेटलमेंट (OTS) स्कीम फॉर रिकवरी ऑफ आउटस्टैंडिंग ड्यूज 2025 को मंजूरी दी है। यह योजना 1 अक्टूबर 2025 से 12 दिसंबर 2025 तक लागू रहेगी। इसके तहत 30 सितंबर 2025 तक बने सभी टैक्स असेसमेंट केस, रिवीजन, संशोधन या रेक्टिफिकेशन वाले केस निपटाए जा सकेंगे।
OTS स्कीम के प्रावधान:
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1 करोड़ रुपये तक के बकाया मामलों में 100% ब्याज माफी, 100% पेनल्टी माफी और 50% टैक्स राशि माफी मिलेगी।
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1 करोड़ से 25 करोड़ रुपये तक के मामलों में 100% ब्याज माफी, 100% पेनल्टी माफी और 25% टैक्स राशि माफी दी जाएगी।
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25 करोड़ से अधिक के मामलों में 100% ब्याज माफी, 100% पेनल्टी माफी और 10% टैक्स राशि माफी का प्रावधान होगा।
राइस मिलर्स के लिए वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी
कैबिनेट ने राइस मिलों के लिए वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी 2025 को भी मंजूरी दी। इस नीति का उद्देश्य लंबित कानूनी मामलों का निपटारा कर मिलों को फिर से चालू करना और औद्योगिक इकाइयों को पुनर्जीवित करना है, जिससे राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ें। यह नीति धान की समय पर उठान को भी सुचारु बनाएगी जिससे किसानों को लाभ होगा।
पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट में संशोधन
कैबिनेट ने पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट, 1995 की धारा 5(1), 5(3)(ii) और 5(8) में संशोधन को मंजूरी दी है ताकि कॉलोनियों और क्षेत्रों का विकास योजनाबद्ध तरीके से हो और आम जनता को आने वाली दिक्कतें कम हों।
पंजाब जीएसटी (संशोधन विधेयक) 2025 को मंजूरी
कैबिनेट ने पंजाब गुड्स एंड सर्विस टैक्स (संशोधन विधेयक) 2025 को भी मंजूरी दी ताकि करदाताओं के लिए अनुपालन आसान हो सके और टैक्स अनुपालन को बढ़ावा दिया जा सके। यह संशोधन केंद्र सरकार के वित्त अधिनियम, 2025 और जीएसटी परिषद की सिफारिशों के अनुरूप है।
मोहाली में विशेष NIA अदालत का गठन
कैबिनेट ने मोहाली (एसएएस नगर) में विशेष एनआईए अदालत बनाने की अनुमति दी ताकि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के मामलों में देरी न हो। यह अदालत ईडी, सीबीआई और अन्य विशेष मामलों की सुनवाई भी करेगी।
पूर्व मंत्री साधु सिंह धरमसोत के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति
कैबिनेट ने पूर्व मंत्री साधु सिंह धरमसोत के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, 1988 और सीआरपीसी की संबंधित धाराओं के तहत अभियोजन की स्वीकृति देने की सिफारिश को भी मंजूरी दी।

























