चंडीगढ़, 4 नवंबर: पंजाब सरकार की प्रशंसित पहल ‘सीएम दी योगशाला’ ने प्रदेश में बड़ी स्वास्थ्य क्रांति ला दी है। आम आदमी पार्टी की सरकार की यह योजना न केवल स्वास्थ्य में सुधार कर रही है, बल्कि युवाओं को रोजगार के मौके भी प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की दूरदर्शिता से शुरू हुई इस पहल के तहत योग को दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाया जा रहा है, जो तनाव, मोटापा, शुगर और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों से लड़ने में मददगार साबित हो रही है।
यह योजना अप्रैल 2023 में चार बड़े शहरों से शुरू होकर अब पंजाब के सभी 23 जिलों और 146 ब्लॉकों तक विस्तार पा चुकी है। आज लगभग 2 लाख लोग रोजाना मुफ्त योग कक्षाओं का लाभ उठा रहे हैं। सरकार ने 2630 प्रमाणित योग प्रशिक्षकों को नियुक्त किया है, जिन्होंने हजारों कक्षाएं संचालित की हैं। स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध योग प्रशिक्षकों के कारण यह योजना व्यापक जन-लहर बन गई है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान कहते हैं कि यह प्रयास पंजाब को नशा-मुक्त और स्वस्थ बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। योग के कारण लोगों ने कमर दर्द, गर्दन दर्द, घुटनों के दर्द, शुगर और अन्य बीमारियों में राहत पाई है। मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ है, जिसमें बेहतर नींद, अधिक ऊर्जा और तनाव एवं अवसाद में कमी शामिल है।
साथ ही, यह योजना सामाजिक ताने-बाने को भी मजबूत कर रही है, खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में महिलाओं और बुजुर्गों को सशक्त बना रही है। नशा मुक्ति अभियान के साथ जुड़ी यह पहल युवाओं को मानसिक शक्ति प्रदान कर एक सकारात्मक विकल्प दे रही है।
‘सीएम दी योगशाला’ पंजाब के लिए स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने वाली एक मिसाल है। इस प्रयास के लिए पंजाब सरकार को व्यापक सराहना मिल रही है, जो पूरे देश के लिए एक सफल जन-स्वास्थ्य मॉडल साबित हो रही है।

























