लेह, लद्दाख: लद्दाख में बुधवार को छात्रों और युवाओं का विरोध प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारी सड़क पर उतरे और इस दौरान पत्थरबाजी के साथ-साथ भाजपा कार्यालय और पुलिस वाहनों में आग लगा दी। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे, जिससे भीड़ और उग्र हो गई। प्रदर्शनकारियों ने CRPF और पुलिस की गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया।
यह विरोध लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किए जाने की मांग को लेकर किया जा रहा है। इन्हीं मांगों के समर्थन में पर्यावरणविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे थे।
हिंसा के बीच सोनम वांगचुक ने तोड़ा उपवास
हिंसक घटनाओं और बिगड़ते हालात को देखते हुए सोनम वांगचुक ने 15 दिन बाद अपना उपवास समाप्त किया। उन्होंने युवाओं से शांति बनाए रखने की अपील की। वांगचुक ने कहा,
“किसी भी प्रकार की आगजनी और हिंसा से आंदोलन की नैतिकता कमजोर होगी। मैं युवाओं से अपील करता हूं कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखें और प्रशासन भी आंसू गैस के गोले चलाना बंद करे।”

आंदोलन की पृष्ठभूमि
लद्दाख में यह आंदोलन बीते 15 दिनों से चल रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं दिया जाता और इसे संविधान की छठी अनुसूची में शामिल नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। हालात उस समय और तनावपूर्ण हो गए जब दो महिला प्रदर्शनकारियों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
फिलहाल पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण पा लिया है, लेकिन इलाके में तनाव बरकरार है।


























