स्पेन की सरकार ने सोमवार को इजराइल के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाया है। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने घोषणा की है कि उनकी सरकार अब इजराइल को हमेशा के लिए हथियार नहीं देगी और स्पेन के बंदरगाहों से इजराइल जाने वाले जहाजों में ईंधन भी नहीं भेजा जाएगा। यह फैसला गाजा में जारी युद्ध और वहां हो रही मौतों के विरोध में लिया गया है।
स्पेन सरकार ने कहा है कि अब कोई जहाज या विमान जिसमें इजराइल के लिए हथियार या सैन्य सामग्री हो, वह स्पेन के किसी भी हवाई या समुद्री रास्ते से नहीं गुजर सकेगा। साथ ही, ऐसे लोग जो गाजा में कथित मानवाधिकार उल्लंघन या युद्ध अपराधों में शामिल हैं, उन्हें स्पेन में आने की इजाजत नहीं मिलेगी।

इन फैसलों के बाद इजराइल ने स्पेन पर यहूदी विरोधी (एंटीसेमेटिक) होने का आरोप लगाया और स्पेन के दो मंत्रियों के इजराइल आने पर बैन लगा दिया। इसके विरोध में स्पेन ने भी अपने राजदूत को इजराइल से वापस बुला लिया है।
स्पेन सरकार ने ये भी कहा कि वे गाजा के लोगों की मदद के लिए 2026 तक 150 मिलियन यूरो की सहायता देंगे और वे ऐसे किसी भी व्यक्ति को स्पेन आने से रोकेंगे जो गाजा में युद्ध या मानवाधिकार उल्लंघन में सीधे शामिल हैं।
स्पेन के इन कड़े कदमों को इजराइल ने अपनी आलोचना बताया है, जबकि स्पेन का कहना है कि ये सारे फैसले शांति, मानवाधिकार और अंतरराष्ट्रीय कानून की रक्षा के लिए हैं।

























