बिहार से विदाई के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने करीबी मित्र गौतम अडानी को एक बड़ा तोहफा देने जा रहे हैं। मोदी सरकार अडानी ग्रुप को 1,050 एकड़ जमीन पर 2,400 मेगावॉट क्षमता का पावर प्रोजेक्ट सौंपने जा रही है। इस परियोजना का बजट 21,400 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है, जिसकी घोषणा पहले बजट में भी की गई थी।
नरेंद्र मोदी बिहार से जाते-जाते अपने दोस्त अडानी को 1,050 एकड़ जमीन देने जा रहे हैं।
ये 2,400 मेगावॉट का प्रोजेक्ट है, जिसका बजट 21,400 करोड़ रुपए है। इसकी घोषणा बजट में भी हुई थी। हालांकि उस वक्त सरकार ने कहा था कि वो खुद ये प्लांट लगाएगी।
लेकिन बाद में सरकार ने हाथ खड़े कर… pic.twitter.com/2APx7ioyuM
— Congress (@INCIndia) September 15, 2025
शुरुआत में सरकार ने स्पष्ट किया था कि यह पावर प्लांट स्वयं सरकार द्वारा स्थापित किया जाएगा, लेकिन बाद में सरकार ने इस योजना से अपना हाथ पीछे खींच लिया और यह बड़ा प्रोजेक्ट गौतम अडानी को सौंप दिया गया।
यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से बिहार की जमीन पर विकसित किया जा रहा है, बिहार के कोयले से उत्पादन होगा और बिहार की जनता को प्रति यूनिट केवल 6 रुपये में बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।
कांग्रेस के AICC मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने इसे भारी विवादित कदम बताते हुए कहा है कि यह जनता की संपत्ति का डबल लूट है, जिसमें अडानी को मोदी के निजी संबंधों का फायदा मिल रहा है।
यह निर्णय राजनीति और आर्थिक दोनों ही दृष्टिकोण से गहराई से चर्चा का विषय बना हुआ है।

























