नई दिल्ली।
आगामी ICC T20 World Cup 2026 जो भारत और श्रीलंका के संयुक्त मेजबानी में आयोजित होगा, उसके लिए सभी वेन्यू तय कर लिए गए हैं। लेकिन इस बार भी फाइनल मुकाबले की मेजबानी एक बार फिर अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम को दी गई है।
हालांकि भारत में क्रिकेट के कई ऐतिहासिक और वर्ल्ड क्लास स्टेडियम मौजूद हैं, जैसे मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम, कोलकाता का ईडन गार्डन, चेन्नई का चेपक स्टेडियम, और लखनऊ का इकाना स्टेडियम — लेकिन बड़े टूर्नामेंट के फाइनल और सेमीफाइनल जैसे अहम मैचों के लिए बार-बार सिर्फ अहमदाबाद को प्राथमिकता देने पर सवाल उठ रहे हैं।
कई क्रिकेट प्रेमियों और खेल विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला BCCI की “पसंदीदा लोकेशन पॉलिसी” को दर्शाता है। जबकि अन्य राज्यों के पास भी विश्वस्तरीय सुविधाएं और दर्शकों का जबरदस्त उत्साह मौजूद है। ऐसे में लगातार एक ही स्टेडियम को बड़ी जिम्मेदारी सौंपना अन्य स्टेडियमों और वहां के दर्शकों के साथ अन्याय के समान है।
वानखेड़े, ईडन गार्डन और चेपक जैसे मैदानों ने क्रिकेट इतिहास में अनगिनत यादगार पल दिए हैं। फाइनल जैसे बड़े आयोजनों से इन शहरों को वंचित रखना न केवल उनकी प्रतिष्ठा बल्कि क्षेत्रीय खेल भावना पर भी असर डालता है।
खेल प्रेमियों का यह भी मानना है कि अगर भारत को मेजबानी दी गई है, तो टूर्नामेंट के बड़े मैच देशभर में समान रूप से वितरित होने चाहिए, ताकि हर राज्य को विश्व कप का हिस्सा महसूस हो सके।

























