हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बहुचर्चित युग हत्याकांड मामले में मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने दो दोषियों चंद्र शर्मा और विक्रांत बख्शी की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया, जबकि तीसरे आरोपी तेजिंदर पाल को बरी कर दिया।
यह फैसला न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश राकेश कैंथला की विशेष खंडपीठ ने सुनाया।

निर्णय से असंतुष्ट युग के पिता विनोद गुप्ता ने कहा, “हमारे बेटे को जिस बेरहमी से मारा गया, उसके बाद भी अगर यह इंसाफ है, तो हमें मंजूर नहीं। हम इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।”
📌 मामला वर्ष 2014 का है, जब शिमला के राम बाजार से 4 वर्षीय मासूम युग का अपहरण कर 3.5 करोड़ की फिरौती मांगी गई थी। फिरौती न मिलने पर आरोपियों ने बच्चे को जिंदा पानी के टैंक में फेंक दिया, उसके शरीर में पत्थर बांध दिए ताकि शव ऊपर न आए।
करीब दो साल बाद, अगस्त 2016 में, शिमला के भराड़ी इलाके के पेयजल टैंक से युग का कंकाल बरामद हुआ। चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपियों में से एक, युग का पड़ोसी ही था।

























