पंचकूला, 30 सितंबर: अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली के प्रमाणित प्रमुख लेखा परीक्षक और शून्य कार्बन पदचिह्न सत्यापनकर्ता डॉ. सुनील थमन ने आज साकेत्री स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के बारहवीं कक्षा के छात्रों के समक्ष एक व्यापक प्रस्तुति दी।

इस ऑन-साइट कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और उसके संभावित परिणामों के प्रति जागरूक करना था। डॉ. थमन ने अपनी प्रस्तुति में जोर देकर कहा कि समय रहते ध्यान न देने पर भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
मुख्य बिंदु:
-
पर्यावरण संरक्षण वैश्विक प्राथमिकता
-
जलवायु परिवर्तन के कारण और प्रभाव
-
सतत विकास और लचीला भविष्य निर्माण
-
जलवायु जोखिमों को कम करने के उपाय
डॉ. थमन ने छात्रों को समझाया कि जलवायु परिवर्तन मुख्य रूप से जीवाश्म ईंधन के दहन, वनों की कटाई और औद्योगीकरण जैसी मानवीय गतिविधियों से प्रेरित है, जिसने वैश्विक तापमान वृद्धि, समुद्र के बढ़ते स्तर और चरम मौसम की घटनाओं को जन्म दिया है।

यह शैक्षिक कार्यक्रम छात्रों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने और भविष्य में सतत विकास की दिशा में कार्य करने की प्रेरणा देने में सफल रहा।

























