मंडी: हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि वे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद नहीं संभालना चाहते। उन्होंने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए यह जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया है और अपनी राय कांग्रेस हाईकमान को भी बता दी है।
मुकेश अग्निहोत्री ने मंडी में मीडिया से बातचीत में कहा कि हिमाचल में जल्द ही कांग्रेस संगठन का गठन किया जाएगा। अब केवल यह तय होना बाकी है कि हाईकमान इसकी घोषणा कब करता है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व के साथ चर्चा के दौरान उन्हें प्रदेशाध्यक्ष बनने का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन पत्नी सिम्मी अग्निहोत्री के निधन के बाद पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण यह दायित्व निभाना उनके लिए संभव नहीं है।

कांग्रेस का ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ अभियान शुरू
डिप्टी सीएम ने बताया कि पार्टी के निर्देशानुसार शनिवार को शिमला स्थित राजीव भवन से ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ अभियान की शुरुआत की जाएगी। इस दौरान एक लाख लोगों के हस्ताक्षर करवाने का लक्ष्य है। यह अभियान 15 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में चलेगा, जिसमें पूर्व विधायक, पूर्व जिला और ब्लॉक अध्यक्ष भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
शिक्षा विभाग में 13 हजार शिक्षकों की नियुक्ति
बड़सू (मंडी) में आयोजित एक निजी कॉलेज के 20वें स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे उपमुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार जल्द ही 13,000 शिक्षकों की भर्ती करेगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की शिक्षा प्रणाली अब देश में तीसरे स्थान पर आंकी जा रही है, जो सरकार के शिक्षा सुधार प्रयासों का परिणाम है।
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देने वाले विद्यार्थियों को डिप्टी सीएम ने अपनी ऐच्छिक निधि से ₹51,000 देने की घोषणा की। इस अवसर पर पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी, संजीव गुलेरिया, केशव नायक, हेमंत शर्मा, तरुण पाठक, चमन राही, अनिल शर्मा, अनुपमा शर्मा, धर्मेंद्र गिल, मुख्य अभियंता उपेंद्र वैद्य, एसडीएम स्मृतिका नेगी और कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. दीप्ति मरवाह सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।

























