केंद्र सरकार की कैबिनेट ने राज्य की खनन नीति में महत्वपूर्ण संशोधनों पर चर्चा की। प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य हाल ही में आए मूसलाधार बारिश के दौरान अपने खेतों में जमा हुए पानी और रेत से प्रभावित किसानों को मदद पहुंचाना है।

संशोधित नीति के तहत, अब किसानों को अपने खेतों में बाढ़ के दौरान जमा हुई रेत को निकालने और उसे बेचने की अनुमति दी जाएगी।
यह कदम न केवल एक राहत उपाय माना जा रहा है, बल्कि इससे प्रभावित किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का भी प्रयास किया जा रहा है। बाढ़ के बाद खेतों में जमा हुई रेत को एक संसाधन के रूप में परिवर्तित करके उनकी आमदनी में इजाफा किया जा सकेगा।
इस नीति बदलाव से किसानों को उनकी जमीन पर हुए नुकसान की भरपाई करने में मदद मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

























