राज्य ब्यूरो — सोलन।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोलन जिले के ममलीग में आयोजित एक विशाल जनसभा के दौरान विकास से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं कीं।
उन्होंने ममलीग उप-तहसील को तहसील का दर्जा देने, लोक निर्माण विभाग का उपमंडल खोलने, और स्थानीय स्कूल की छत के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा की।
इसके अलावा उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए 50 हजार रुपए की राशि देने का भी ऐलान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता और सुशासन सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशभर में राजस्व लोक अदालतों का आयोजन कर रही है।
उन्होंने बताया कि माई डीड (My Deed) परियोजना शुरू की गई है, जिससे अब आम लोगों को भूमि रजिस्ट्री के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ते।
📘 शिक्षा क्षेत्र में बड़ा सुधार
मुख्यमंत्री ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार ने कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं।
पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान पर था, लेकिन अब यह 5वें स्थान पर पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि अध्यापकों के लगातार तबादलों से शिक्षा की गुणवत्ता पर असर पड़ता था, जिसे वर्तमान सरकार ने रोकने के लिए कड़े फैसले लिए हैं।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल हर विधानसभा क्षेत्र में खोले जा रहे हैं, ताकि ग्रामीण बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने बताया कि 100 सरकारी स्कूलों को CBSE पैटर्न पर बदला जा रहा है, जहां शिक्षकों का अलग कैडर बनाया जाएगा और छात्रों के लिए अलग यूनिफॉर्म ड्रेस कोड लागू होगा।
उन्होंने कहा कि अब राज्य के सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई भी शुरू की गई है।
🏥 स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव
सीएम सुक्खू ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में 3,000 करोड़ रुपए की लागत से AIIMS दिल्ली की तर्ज पर आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि IGMC शिमला, टांडा और चमियाणा अस्पतालों में ऑटोमेटेड लैब्स की स्थापना के लिए 75 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
इन लैब्स से एक ही ब्लड सैंपल से मरीजों के कई टेस्ट एक साथ हो सकेंगे।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने अटल सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल चमियाणा और डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में रोबोटिक सर्जरी सुविधा भी शुरू कर दी है।
इसके अलावा नए चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्तियां की जा रही हैं, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं को और मज़बूत किया जा सके।
🚜 किसानों के लिए राहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए कई कदम उठा रही है।
गाय के दूध का समर्थन मूल्य 51 रुपए प्रति लीटर, जबकि भैंस के दूध का 61 रुपए प्रति लीटर किया गया है।
इसके साथ ही प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं को 60 रुपए प्रति किलो, मक्की को 40 रुपए प्रति किलो और कच्ची हल्दी को 90 रुपए प्रति किलो की दर से खरीदा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य देना है।
⚖️ भ्रष्टाचार पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली भाजपा सरकार ने 5000 बीघा जमीन मात्र 14 करोड़ रुपए में बेची, जबकि इसकी वास्तविक कीमत 1000 करोड़ रुपए थी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा GST मुआवजा जुलाई 2022 के बाद बंद कर दिए जाने से राज्य को आर्थिक नुकसान हुआ है।
अब सरकार को कर्ज चुकाने के लिए भी कर्ज लेना पड़ रहा है।
🎓 सम्मान समारोह
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल और शिक्षा विभाग के परियोजना निदेशक राजेश शर्मा को सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री का स्थानीय लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया और विकास योजनाओं की सराहना की।

























