आपदा प्रभावितों को बर्तन और जरूरी सामान खरीदने के लिए भी 1 लाख रुपए देगी सुक्खू सरकार

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सुक्खू सरकार देगी आपदा पीड़ितों को 1 लाख की अतिरिक्त मदद

मंडी।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने आपदा पीड़ितों के पुनर्वास के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को मंडी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहा कि आपदा प्रभावित परिवारों को घर बनाने के साथ-साथ घरेलू सामान और बर्तन खरीदने के लिए भी एक लाख रुपए की अतिरिक्त सहायता राशि दी जाएगी।

कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए सरकारी अनुदान को 7 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपए किया गया है। यह राहत राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से दी जाएगी।
मंडी के पड्डल मैदान में आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री ने मंडी, कुल्लू और बिलासपुर जिलों के 4,914 आपदा प्रभावितों को कुल 81.28 करोड़ रुपए की राहत राशि वितरित की।


💰 लाभार्थियों को मिली पहली किस्त

इस मौके पर 1,513 लाभार्थियों को पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए चार-चार लाख रुपए की पहली किस्त दी गई।
इनमें मंडी के 781, कुल्लू के 631, और बिलासपुर के 101 लाभार्थी शामिल हैं।
इसके अलावा 3,401 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के मालिकों को एक-एक लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई।

कार्यक्रम में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, विधायक चंद्र शेखर और अनिल शर्मा, सहित कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी मौजूद रहे।


👧 निकिता को 8 लाख की सहायता और 21 लाख की एफडी

मुख्यमंत्री सुक्खू ने आपदा में अपने माता-पिता को खो चुकी सराज विधानसभा क्षेत्र की नन्ही निकिता को 7.95 लाख रुपए की सहायता राशि और 21 लाख रुपए की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) देने की घोषणा की।

उन्होंने कहा,

“निकिता जैसी बेटियां अकेली नहीं हैं। प्रदेश सरकार उनके साथ खड़ी है। हम लोगों के दुखों को पूरी तरह मिटा तो नहीं सकते, लेकिन पुनर्वास के लिए हर संभव मदद कर रहे हैं।”


🏗️ राज्य सरकार अपने संसाधनों से दे रही राहत, केंद्र से अभी मदद नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार से अब तक कोई विशेष राहत पैकेज नहीं मिला, बावजूद इसके राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से 4,500 करोड़ रुपए की व्यवस्था कर आपदा प्रभावितों की सहायता की है।
उन्होंने बताया कि आपदा राहत मैनुअल में भी संशोधन किया गया है ताकि वास्तविक जरूरतों के हिसाब से मदद दी जा सके।

“एक लाख तीस हजार में घर बनाना संभव नहीं था, इसलिए हमने राशि बढ़ाने और राहत की प्रक्रिया को आसान करने का फैसला किया है।”

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Author: Vivek Singh

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